NOI संवाददाता, कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ क्षतिपूर्ति वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी बनी सड़क को काटे, उससे क्षतिपूर्ति वसूली तय की जाए। इसके साथ ही टेंडर फाइनल होने के बाद भी काम शुरू नहीं करने वाली फर्मों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।


गुरुवार को एचबीटीयू परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां देकर विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू कराया जा सके।

पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव अजय चौहान ने मुख्यमंत्री के सामने छह जिलों के 11,724 करोड़ के 1,374 परियोजनाओं के प्रस्तावों का हुआ प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि टेंडर फाइनल होने के बाद काम शुरू नहीं करने वाली फर्मों के खिलाक ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।

बैठक में कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया तथा फर्रुखाबाद के भाजपा विधायकों ने अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं से जुड़े प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों की बेहतर जानकारी होती है, इसलिए उनके सुझावों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के अनुसार शासन को प्रस्ताव भेजे जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों, दीर्घ एवं लघु सेतु, आरओबी-आरयूबी, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों, फ्लाईओवर तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध पूरा किया जाए।

बैठक में मौजूद प्रमुख अभियंता एके द्विवेदी ने बताया कि कानपुर मंडल के छह जनपदों से कुल 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपये की 344 परियोजनाएं, कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपये की 217 परियोजनाएं, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपये की 339 परियोजनाएं, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपये की 387 परियोजनाएं, औरैया से 439 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाएं तथा इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है, वहां संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाए।


बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली थी, जिनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं जबकि शेष पर कार्य जारी है। बैठक में समाजकल्याण मंत्री असीम अरूण के साथ ही सभी जिलों के विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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