IIT कानपुर का बड़ा नवाचार, अब AI बताएगा किस परिवार को है सरकारी मदद की जरूरत
NOI संवाददाता, कानपुर। सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए अब घर-घर सर्वेक्षण पर निर्भरता कम हो सकती है। आईआईटी ने एआई आधारित ‘फैमिली स्कोर’ प्रणाली विकसित की है, जो सरकारी रिकार्ड में पहले से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर परिवारों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का आकलन कर सकती है।
इससे बड़े स्तर पर जरूरतमंद परिवारों की पहचान होगी और लागत व समय कम लगेगा। इसका पहला प्रयोग आंध्र प्रदेश में किया गया है, जिसके परिणाम उत्साहजनक आए हैं। आईआईटी के कंप्यूटर साइंस व टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने फैमिली स्कोर के लिए करीब 15 सरकारी डेटासेट का इस्तेमाल किया है।
इनमें परिवारों की सामाजिक व आर्थिक स्थिति से जुड़े विभिन्न संकेतक शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर एआई मॉडल परिवारों का आकलन कर उन्हें निर्धारित श्रेणियों में रखने में मदद करता है। इसको राज्यव्यापी सर्वेक्षण से तैयार सामाजिक-आर्थिक स्कोर के आधार पर प्रशिक्षित करने के साथ जांचा गया है।
एक बार माडल तैयार होने के बाद उपलब्ध सरकारी आंकड़ों वाले परिवारों के लिए बिना नया सर्वेक्षण कराए स्कोर तैयार किया जा सकता है। इससे अभी सरकारी योजनाओं के लिए पात्र परिवारों की पहचान करने की बड़ी चुनौती से निपटा जा सकेगा, जिसमें अधिक समय, मानव संसाधन और धन खर्च होता है।
आईआईटी की टीम ने इसका पहला प्रयोग आंध्र प्रदेश में किया है, जहां सरकार के सहयोग से परियोजना के पहले चरण में देखा गया कि क्या एआई की मदद से पारंपरिक घरेलू सर्वेक्षणों की जगह सामाजिक व आर्थिक स्थिति का भरोसेमंद आकलन किया जा सकता है।
टीम ने इसके परिणाम आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सामने प्रस्तुत किए। इसमें राज्य के कुल 1.72 करोड़ परिवारों में करीब 1.35 करोड़ (लगभग 75 प्रतिशत) परिवारों के लिए फैमिली स्कोर तैयार किया गया था। एमओयू के तहत परियोजना के दूसरे चरण में फैमिली स्कोर प्रणाली को वहां के सभी परिवारों तक पहुंचाने की योजना है।
फैमिली स्कोर प्रणाली को आइआइटी के वाधवानी सेंटर फार डेवलपिंग इंटेलिजेंट सिस्टम्स (डब्ल्यूएसएआइएस) और वाधवानी स्कूल आफ एआइ एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स ने ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन (एआरएफ) के सहयोग से विकसित किया गया है।
इसमें आईआईटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, डब्ल्यूएसएआइएस के डीन प्रो. नितिन सक्सेना व एआरएफ के सीईओ मनीष श्रीवास्तव शामिल रहे हैं। सीईओ ने बताया कि फैमिली स्कोर से हर छह महीने में ब्योरा अपडेट किए जा सकेंगे। इससे उन लोगों की पहचान आसान हो जाएगी, जिन्हें सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता की जरूरत है। ब्योरे में हेराफेरी करने वालों की भी पहचान हो जाएगी।
Note : यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
Leave a Comment
Login with your mobile number to post a comment. New here? Create your account using OTP verification.
Login to Your Account
OTP verification is required for login and registration.
LIVE अपडेट
राज्य
Stay Connected
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.






0 Comments
No comments yet. Be the first to share your thoughts!