ग्राम पंचायत गठन में नियमों की अनदेखी पर हाई कोर्ट सख्त, विशेष सचिव से मांगा स्पष्टीकरण
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने बहराइच में डिहवा खुर्द गांव को चहलर ग्राम पंचायत में शामिल करने के मामले में पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
NOI संवाददाता, लखनऊ। बहराइच में डिहवा खुर्द गांव को चहलर ग्राम पंचायत में शामिल करने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ल की पीठ ने पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव को पांच अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव पंचायती राज को विशेष सचिव को राज्य सरकार का पक्ष रखने में मार्गदर्शन देने और उनके हलफनामे का परीक्षण करने को कहा है। पीठ ने महेंद्र प्रताप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याची का प्रत्यावेदन खारिज करने वाला निदेशक पंचायती राज का आदेश प्रथमदृष्टया तथ्यात्मक और कानूनी आधार से रहित प्रतीत होता है।
कोर्ट ने कहा कि मामले पर राज्य सरकार को भी विचार करना चाहिए था। सुनवाई में बहराइच के जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रभान सिंह ने स्वीकार किया कि डिहवा खुर्द और चहलर के बीच माणिकापुर व रसूलाबाद दो गांव हैं, जो चहलर ग्राम पंचायत का हिस्सा नहीं हैं।
कोर्ट ने 16 अगस्त 2014 के शासनादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी गांव को ग्राम पंचायत में शामिल करते समय उसके बीच दूसरी ग्राम पंचायत का क्षेत्र नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के एक प्रविधान का सहारा लेकर दूसरे प्रविधान की अनदेखी नहीं की जा सकती। सभी संबंधित प्रविधानों को साथ लागू करना होगा। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी।
Leave A Comment
LIVE अपडेट
राज्य
Stay Connected
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.





0 Comments
No Comments