कानपुर चिड़ियाघर में चार काले हिरणों की मौत के बाद, हीमो प्रोटोजोवा परजीवी संक्रमण की आशंका पर 25 हिरणों को दवा दी गई है और कुछ अन्य भी सुस्त हैं। यह स्थिति 2013 के बाद फिर से चिड़ियाघर में हिरणों के जीवन पर खतरा पैदा कर रही है, जब कुत्तों के हमले से 31 हिरणों की मौत हुई थी।

NOI संवाददाता, कानपुर। चिड़ियाघर में चार काले हिरणों की मौत के बाद बाकी के जीवन पर भी खतरा बढ़ गया है। हीमो प्रोटोजोवा परजीवी संक्रमण के चपेट में आने की आशंका पर 25 हिरणों को दवा दी गई है। कुछ अन्य हिरण भी सुस्त हैं, जिससे उनमें भी संक्रमण की आंशका जताई जा रही है। इनके खून के नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।

चिड़ियाघर में संकटग्रस्त श्रेणी में आने वाले 87 काले हिरण थे। पिछले महीने हिरणों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ। इनका विसरा बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआई) भेजा गया। चिड़ियाघर के निदेशक डा.कन्हैया पटेल ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए दवा देने संग हिरणों को इंजेक्शन लगाए गए हैं।

हीमो प्रोटोजोवा परजीवी संक्रमण बड़ी मक्खी से फैलता है। यह मक्खी काटती है तो परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाता है। इससे शरीर की रक्त कोशिकाओं व प्लाज्मा को नुकसान पहुंचता है। जानवरों के शरीर में खून की कमी होने के साथ पीलिया भी हो जाता है। उधर, चिड़ियाघर में वर्ष 2013 में बाड़े में घुसकर कुत्तों के हमला करने से 31 काले हिरणों की मौत हो गई थी।

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