संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में संस्कृत विद्यार्थियों को 600 से 3000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।

NOIब्यूरो, लखनऊ। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 600 से तीन हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है। इन विद्यार्थियों को 23 अक्टूबर को छात्रवृत्ति की पहली किस्त देने की तैयारी है।

शैक्षिक सत्र 2026-27 में छात्रवृत्ति की राशि दो किस्तों में देने की व्यवस्था की गई है। अगले वर्ष चुनाव को देखते हुए दूसरी किस्त फरवरी से पहले दिसंबर में जारी करने का लक्ष्य है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए तैयारी की गई है, जिससे संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने के साथ योजना के प्रति जागरूकता भी बढ़े।

छात्रवृत्ति की राशि अध्ययन के स्तर के अनुसार अलग-अलग निर्धारित है। प्रथमा स्तर पर कक्षा छह और सात के विद्यार्थियों को 600 रुपये, कक्षा आठ के विद्यार्थियों को 900 रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं।

पूर्व मध्यमा यानी कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों को 1200 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। उत्तर मध्यमा यानी कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए यह राशि 1800 रुपये, शास्त्री स्तर पर 2400 रुपये और आचार्य स्तर पर तीन हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति का प्रविधान है।

0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement