कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे 11 दिनों तक पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलती रही, जिसमें नेपाल से लेकर भारत के कई शहर शामिल थे।

NOI  संवाददाता, लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे 11 दिन तक पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलती रही। पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले नेपाल गई। वहां से भारत लौटी और अग्रिम जमानत की अर्जी डाली।

फिर 11 सौ किलोमीटर दूर नागपुर फरार हो गई। इस दौरान सह आरोपी उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर भी उसके साथ रहे। तीनों ने छोटे होटलों में में ठिकाना बनाया।

पहचान छिपाकर टैक्सियों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते रहे। आगरा से नागपुर तक उनके सफर की जानकारी सामने आई। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने श्रद्धा की फरारी से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी है।

शिवा की मौत के बाद नेपाल भागी

शिवा की मौत के बाद श्रद्धा बहन रश्मि और चालक तनवीर के साथ बहराइच के रूपईडीहा होते हुए नेपाल चली गई। वहां के उसके फोटो और सीसीटीवी फुटेज सामने आए। इस दौरान उसने नेपाल में अपना मोबाइल एक बार आन किया।

पुलिस को उसकी लोकेशन महिमनगर मिली, लेकिन कुछ ही देर में उसने मोबाइल बंद कर दिया। फिर नेपाल के दांग गई। उसके बाद नेपाल का सिम लेकर अपने मददगारों से संपर्क करती रही।

छोटे होटलों में रुकती थी श्रद्धा

इसके बाद रायबरेली, लखनऊ होते हुए आगरा पहुंच गई। श्रद्धा की तलाश में पुलिस को सबसे बड़ी चुनौती उसके लगातार ठिकाने बदलने की रही। बड़े होटलों के बजाय छोटे होटलों में रुकती थी। आगरा के एक होटल में करीब 24 घंटे तक रुकने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान उसका बुर्के में घूमने की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है।

ज्यादातर टैक्सी का किया इस्तेमाल

फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने ज्यादातर टैक्सी का इस्तेमाल किया। एक टैक्सी से कुछ दूर जाती थी। उसे छोड़कर दूसरी टैक्सी से आगे बढ़ती थी। पुलिस जब तक उसकी लोकेशन ट्रेस करके पहुंचती थी, तब तक वह आगे बढ़ जाती थी। होटलों के स्टाफ से टैक्सी बुक करवाती थी। टोल प्लाजा पार करने के बाद भी टैक्सी बदल देती थी। इस दौरान कई बार लिफ्ट लेने की बात भी सामने आई है।

मददगारों की जानकारी जुटा रही पुलिस

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों ने किन-किन स्थानों पर समय बिताया और उनके संपर्क में कौन लोग थे? रास्ता, ठहरने के स्थानों और फरारी के दौरान की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।

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