UPCC on SIR: सुप्रिया श्रीनेत ने निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में 13,150 मतदाताओं के डाटा में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

NOI  ब्यूरो, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा गरमा रहा है। समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस ने भी पीलीभीत के सदर विधानसभा क्षेत्र (127) की मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है।
कांग्रेस की इंटरनेट मीडिया विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में 13,150 मतदाताओं के डाटा में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मतदाता सूची के अंतिम ड्राफ्ट होने के बाद भी अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम गलत दर्ज किए गए हैं। श्रीनेत ने सारी गडबड़ियों के लिए आयोग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक सीमा खन्ना पर भी आरोप लगाए हैं।

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि समान EPIC नंबर पर मतदाता का नाम और पिता का नाम बदले जाने के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि पीलीभीत सदर में ऐसे 13,150 मामले हैं और सवाल किया कि यदि मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव हुए हैं, तो वे किसके निर्देश पर और किस प्रक्रिया के तहत किए गए।

उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए मतदाताओं से भी अपील की कि वे आयोग की वेबसाइट पर अपना EPIC नंबर डालकर मतदाता सूची में अपना नाम एवं विवरण अवश्य जांचें। साथ ही, उन्होंने ऐसे मामलों की अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जाँच की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘वन पर्सन, वन वोट’ का सिद्धांत सुरक्षित रहना चाहिए। मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।

वोट चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने 19 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग को ज्ञापन में आरोप लगाया था कि पीलीभीत में एपिक नंबर (विशेष यूनिक आइडी नंबर) सही होने के बाद भी मतदाताओं के नाम गलत दर्ज किए गए हैं। इसके बाद बुधवार को सपा की राह पर चलते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया है कि पीलीभीत में 13,150 मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी की गई है। 804 नाम गायब पाए गए हैं और 2600 अतिरिक्त बनाए गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने कहा कि 33 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ के नाम के स्थान पर हसरत नाम लिखा है। 25 वर्षीय शादाब को सलीम खान बना दिया गया है। आराधना मिश्रा मतदाता सूची से नाम गायब होने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोटर आईडी कार्ड होने के बावजूद मतदान के दिन मतदाता का नाम सूची में न मिलना बेहद चिंताजनक है। इस मुद्दे पर कानूनी राय ली जाएगी और SIR प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों को लेकर कांग्रेस का संगठन, कार्यकर्ता एवं पूरा कैडर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार एवं उनकी टीम की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है। लोकतंत्र में हर योग्य नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं पर कांग्रेस उठाएगी आवाज़, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर होगी लड़ाई।

संगठन में बदलाव के बाद एकजुटता दिखाते हुए पहली बार मंच पर एक साथ नजर आए नेता मतदाता सूची में गड़बड़ी की ही बात उठाते रहे, लेकिन 11 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय में चले जूता-लात कांड व सपा के साथ सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे।

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