Amit Shah Ayodhya Visit: अमित शाह अयोध्या में बीते नौ वर्ष से आयोजित हो रहे भव्य दीपोत्सव में पहली बार शामिल होंगे। अयोध्या में ‍भव्य दीपोत्सव सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में होता है।

NOI  डेस्क, लखनऊ : राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय कार्य समिति का शुभारंभ करने के साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का अगला उत्तर प्रदेश का दौरा सात नवंबर को है। शाह राम नगरी अयोध्या का दौरा करेंगे।

भाजपा के थिंक टैंक माने जाने वाले अमित शाह अयोध्या में बीते नौ वर्ष से आयोजित हो रहे भव्य दीपोत्सव में पहली बार शामिल होंगे। अयोध्या में ‍भव्य दीपोत्सव सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में होता है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण में अमित शाह भी इसकी भव्यता के साक्षी बनेंगे। अमित शाह पहली बार अयोध्या के दीपोत्सव में सात नवंबर को शामिल होंगे। यह दिवाली की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाला दसवां भव्य दीपोत्सव समारोह है।

गृह मंत्री अमित शाह के सात नवंबर को अयोध्या दौरे की तैयारी परखने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां पर दसवें भव्य दीपोत्सव की तैयारी को देखने के साथ ही अमित शाह के कार्यक्रम स्थल का भी निरीक्षण करेंगे।

दीपोत्सव से दो दिन पहले ही सील होगी राम की पैड़ी

दीपोत्सव की तैयारियों के साथ रामनगरी में सुरक्षा व्यवस्था को भी तकनीक से लैस किया जा रहा है। राम की पैड़ी पर दीप सज्जा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजन से दो दिन पहले पूरे पैड़ी क्षेत्र को सील कर दिया जाएगा। इस अवधि में केवल अधिकृत पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। दीपोत्सव में लगभग 30 हजार स्वयंसेवक व छह हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएंगी।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिस के जवान

दीपोत्सव के दसवें संस्करण में गृह मंत्री अमित शाह दौरा के साथ ही तीन अन्य अति विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की सुगबुगाहट है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अन्य कई विशिष्ट अतिथियों का आगमन होगा। इसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। अयोध्या धाम को जोन व सेक्टर में बांटा जा रहा है। दीपोत्सव पर रामनगरी पर सुरक्षा घेरा अभेद्य रहेगा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। छह हजार से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। इनमें लखनऊ, कानपुर, बनारस, गोरखपुर जोन से भी पुलिसकर्मियों की डिमांड की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 25 अपर पुलिस अधीक्षक, 40 पुलिस उपाधीक्षक और 100 से अधिक निरीक्षक तैनात करने की योजना है। दस कंपनी पीएसी व आरएएफ की भी मांग की गई है।

डिजिटल पहचान प्रणाली लागू

दीपोत्सव में इस बार प्रवेश व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल पहचान प्रणाली लागू की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों को अलग से विशेष पास और दीप सज्जा में जुटने वाले स्वयंसेवकों व सुपरवाइजरों को भी क्यूआर कोड युक्त पास दिए जाएंगे। प्रवेश द्वारों पर इन पासों की स्कैनिंग कर संबंधित व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ ही आयोजन स्थल पर तैनात कर्मियों की पहचान भी आसानी से की जा सकेगी।

पहली बार एआइ का प्रयोग, तैयार हो रहीं कलात्मक रंगोलियां

दीपोत्सव की साज सज्जा इस बार तकनीक और कला का अनूठा संगम पेश कर रही है। धर्मपथ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से आकर्षक और कलात्मक रंगोलियां तैयार की जा रही हैं। इनमें पारंपरिक भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक कल्पनाशीलता की झलक दिखाई दे रही है। दीपोत्सव में पहली बार एआइ का प्रयोग किया गया है।रंगों और आकृतियों से सजी इन रंगोलियों को देखकर श्रद्धालु और पर्यटक ठहरने को मजबूर हो रहे हैं। दीपोत्सव में परंपरा, संस्कृति और तकनीक का यह मेल रामनगरी की भव्यता को नया आयाम दे रहा है।

विवि प्रशासन ने टाली परीक्षा, अब 16 नवंबर से

दीपोत्सव के कारण विवि प्रशासन ने परीक्षा टाली है। अविवि ने 13 नवंबर से स्नातक व परास्नातक विषम सेमेस्टर परीक्षा शुरू कराने का एलान किया था। छात्रों ने परीक्षा स्थगित करने की मांग उठाई थी। अब 16 नवंबर से परीक्षा होगी। परीक्षा में डेढ लाख छात्र शामिल होंगे।

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