नई दिल्ली, NOI: सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी ने यह जानकारी दी है कि, उसकी शाखा एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) ने बैंक ऑफ इंडिया के साथ 500 करोड़ रुपये के पहले ग्रीन टर्म लोन(हरित सावधि लोन) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एनटीपीसी की तरफ से गुरुवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है। ग्रीन टर्म लोन समझौता राजस्थान और गुजरात में दो सौर परियोजनाओं के लिए किया गया है।

एनटीपीसी की तरफ से एक बयान जारी करते हुए यह कहा गया है कि, "एनटीपीसी आरईएल ने राजस्थान में अपनी 470 मेगावाट की सौर परियोजना और गुजरात में 200 मेगावाट की सौर परियोजना के लिए 29 सितंबर, 2021 को बैंक ऑफ इंडिया के साथ 15 साल के कार्यकाल के साथ बहुत प्रतिस्पर्धी दर पर 500 करोड़ रुपये के अपने पहले ग्रीन टर्म लोन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।"

क्या होता है ग्रीन टर्म लोन(हरित सावधि लोन)

ग्रीन लोन एक प्रकार का ऐसा लोन साधन है जो, उधारकर्ताओं को उन परियोजनाओं में पैसा लगाने में सक्षम बनाता है, जिनका पर्यावरण पर प्रभाव पड़ता है।

एनटीपीसी लिमिटेड की 100 फीसद सहायक एनटीपीसी आरईएल के पास वर्तमान में 3,450 मेगावाट का रिन्यूबल परियोजना पोर्टफोलियो है, जिसमें से 820 मेगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और 2,630 मेगावाट की परियोजनाएं ऐसी हैं, जिसके लिए पीपीए (बिजली खरीद समझौते) निष्पादित होने के लिए लंबित हैं।

एनटीपीसी ने रिन्यूबल ऊर्जा कारोबार शुरू करने के लिए 7 अक्टूबर, 2020 को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, एनसीटी ऑफ दिल्ली और हरियाणा के साथ शामिल किया था। फिलहाल एनटीपीसी अक्षय ऊर्जा स्रोतों की महत्वपूर्ण क्षमताओं को जोड़कर अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो को हरित बनाने के लिए कई सारे कदम उठा रही है।

साल 2032 तक, कंपनी की योजना अक्षय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से 60 गीगा वॉट क्षमता रखने की है, जो कि इसके आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इसकी कुल बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 45 फीसद है।

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