मुरादाबाद NOI : Fraud in Ultrasound : मध्य प्रदेश के एक चिकित्सक की डिग्री अमरोहा, रामपुर व बरेली में किराए पर चल रही है। किराए पर डिग्री उठाने के बाद वह मध्य प्रदेश लौट गए हैं। अब उनके नाम पर चल रहे सेंटर में झोलाछाप अल्ट्रासाउंड कर मरीजों को बेवकूफ बना रहे हैं। यह बातें स्वास्थ्य महकमे को भी पता हैं लेकिन निरीक्षण पर जाने से पहले ही सेंटर को सूचना दे दी जाती है। इसके चलते निरीक्षण के दौरान मध्य प्रदेश से डाॅक्टर अमरोहा पहुंच जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से जिले में अवैध अल्ट्रासाउंड का धंधा फलफूल रहा है। दैनिक जागरण के स्टिंग में इसका पर्दाफाश होने के बाद जहां गजरौला स्थित जनता डायग्नोस्टिक सेंटर सील हो गया वहीं हसनपुर में संचालित श्रीराम डायग्‍नोस्टिक सेंटर पर भी ताला पड़ गया। मगर इसके नजदीक ही संचालित सिटी डायगनोस्टिक सेंटर अभी भी धड़ल्ले से चल रहा है। इस सेंटर को डॉ. धर्मेंद्र की डिग्रियों के आधार पर संचालित करने की अनुमति जिलाधिकारी कार्यालय से बीती 23 जनवरी को दी गई है। डॉ. धर्मेंद्र खंडवा मध्य प्रदेश में रहते हैं। वह अपनी डिग्री सेंटर संचालन के लिए किराए पर देकर वापस लौट गए। अब उनके नाम पर एक युवती यहां अल्ट्रासाउंड कर रही है। यहां से अल्ट्रासाउंड कराकर निकले आगापुर निवासी मोहम्म्द शफी ने बताया कि अंदर एक युवती ने अल्ट्रासाउंड किया है। वहीं अल्ट्रासाउंड कराने के बाद लुहारी खादर निवासी सरोज ने भी युवती द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने की पुष्टि की। इसके बाद जागरण ने इस सेंटर को संचालित करने वाले अशोक चौहान से इस बाबत सवाल किया। इस पर उन्होंने बताया कि डॉ. धर्मेंद की दादी का निधन हो गया है। इसलिए वह मध्य प्रदेश गए हैं। बताया कि फिलहाल मुरादाबाद से आने वाली एक युवती अल्ट्रासाउंड कर रही है। जबकि बिना चिकित्सक के अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा सकता। इस तरह इस सेंटर पर भी झोलाछाप द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने की पुष्टि हो गई।

बरेली में भी किराये पर डॉ. धर्मेंद्र की डिग्री : अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर चल रहे फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद संचालक ही एक-दूसरे की पोल खोलने लगे हैं। एक सेंटर संचालक ने बताया कि डॉ. धर्मेंद्र की डिग्री हसनपुर में ही नहीं बल्कि बरेली में भी नेशनल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर चल रही है। इस संबंध में बात करने के लिए डॉ. धर्मेंद्र को कई बार फोन किए गए मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।

जो सेंटर जिस डाक्टर के नाम पंजीकृत है, वही वहां अल्ट्रासाउंड कर सकता है। अगर संबंधित डाक्टर के बजाय कोई और अल्ट्रासाउंड कर रहा है तो यह गंभीर मामला है, इसकी पड़ताल कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ

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