संवाद सहयोगी,  नैनीताल : कांग्रेसी नेता और पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के रामगढ़ ब्लॉक के प्यूडा़ गांव स्थित काटेज पर बीते दिनों हुए फायरिंग व आगजनी के मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार करा लिया है। चारों को रामगढ़ रोड पर स्विस विलेज वाले बैंड के पास से गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष अशोक कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपित हल्द्वानी भागने की फिराक में थे। जिसके बाद टीम के साथ मौके पर एसओ ने हल्का बल प्रयोग कर चारो को पकड़ लिया है।
पकड़े गए आरोपितों में चंदन सिंह लोधियाल उम्र 27 साल पुत्र हरेन्द्र सिंह नथुआखान, भवाली, उमेश मेहता उम्र 30 वर्ष पुत्र गंगा सिंह मेहता, मुक्तेश्वर, कृष्ण सिंह बिष्ट उम्र 30 वर्ष पुत्र शंकर सिंह बिष्ट और चौथा आरोपित राजकुमार मेहता उम्र 29 वर्ष पुत्र गंगा सिंह मेहता शामिल हैं। चंदन सिंह के पास से पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह रीठा के कुंदन सिंह चिलवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन के लिए गया था। प्रदर्शन के दौरान आवेश में आकर उसने घर पर फायरिंग कर दी थी। जबकि अन्य तीनों आरोपितों ने सिर्फ प्रदर्शन करने और घर के केयरटेकरों से अभद्रता की बात स्वीकारी है 
बीते सोमवार को भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सलमान खुर्शीद के प्यूड़ा स्थित काटेज के समीप विरोध प्रदर्शन किया था। यह लोग सलमान खुर्शीद द्वारा लिखी गई किताब में हिंदुत्व पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर आक्रोश जता रहे थे। विरोध प्रदर्शन के कुछ देर बाद कॉटेज में फायरिंग करने के साथ आगजनी भी की गई थी। जिसके बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद हरकत में आई रामगढ़, मुक्तेश्वर तथा भवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
वहीं सलमान खुर्शीद के केयरटेकर की तहरीर पर महिला जिला पंचायत सदस्य के पति राकेश कपिल समेत बीस लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मंगलवार को फॉरेंसिक टीम भी सलमान खुर्शीद के आवास पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली भूपेंद्र धौनी ने इस मामले में थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर, भवाली व भीमताल के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की थी। मुखबिर की सूचना पर चार को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे अन्य आरोपितों के बारे में भी जानाकारी ली जा रही है।

मुख्य आरोपित नहीं पकड़े गए तो जारी होगा वारंट

सलमान खुर्शीद की कोठी पर आगजनी को अंजाम देने वाले चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया है, मगर मामले के मुख्य आरोपित अभी भी पुलिस के शिकंजे से बाहर हैं। मामले में डीआइजी नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि पुलिस क्षेत्र में तत्परता से आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही मामले के मुख्य आरोपितो को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यदि आरोपित पकड़ में नहीं आए तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा।


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