कानपुर, NOI :  गोविंद नगर में जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात विभाग ने गोविंदनगर के अवैध कट बंद कराने के बाद समानांतर पुल पर वन-वे व्यवस्था लागू की है। वहीं दैनिक जागरण में गड्ढा युक्त सड़क का समचार प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों ने सुध ली और सड़क के गड्ढों का पैचवर्क किया। शहर में बिगड़ी यातायात की चाल को पटरी पर लाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस और ट्रैफिक विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं। गोविंद नगर में जाम से मुक्ति के लिए यातायात विभाग और पुलिस ने चावला मार्केट से गोविंदपुरी समानांतर पुल के बीच के सभी कट बंद करा दिए थे। अब यातायात पुलिस ने समानांतर पुल पर जगह-जगह वन-वे के बोर्ड लगाकर वन-वे व्यवस्था लागू की है। अब यदि वाहन सवार पुल पर उल्टी चाल चलेंगे तो कैमरे की नजर से नहीं बच पाएंगे और उनका चालान होने का मैसेज पहुंचेगा। उल्टी चाल से आने वाले वाहनों को चावला मार्केट चौराहे तक उल्टा ही जाना पड़ेगा। यहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी उनका चालान कर सकते हैं। वहीं बड़ौदा चौराहे से फजलगंज चौराहे के बीच की सड़क गहरी सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई थी। इससे रास्ता संकरा हो गया था। यहां गड््ढे होने से यातायात फंसता था। सोमवार सुबह नगर निगम की ओर से इन गड्ढों का पैचवर्क करा दिया गया।

भविष्य में नहीं धंसेगी सड़क, साफ्टवेयर से तय होगी मोटाई : मंधना से मरहला चौराहा-मोहनलालगंज तक की सड़क पर भविष्य के यातायात को देखते हुए साफ्टवेयर की मदद से सड़क की मोटाई (क्रस्ट) को डिजाइन किया गया है। इससे सड़क धंसेगी नहीं और लंबे समय तक चलेगी। अन्य सड़कों पर भी अब इसी तकनीक से काम किया जाएगा। मंधना से मरहला चौराहा तक स्टेट हाईवे को फोरलेन किया जाना है। पीडब्ल्यूडी अभियंता की ओर से इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर मुख्यालय भेजी गई थी। टीम ने जांच की तो पता चला कि सड़क पर क्रस्ट को मैनुअल डिजाइन किया गया है। इस पर आपत्ति जलाकर मुख्यालय ने फाइल निर्माण खंड-दो को वापस कर दी थी। अब अभियंता ने आइआइटी पेव आइपीसी 37, 2018 नाम के साफ्टवेयर में पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट), सीवीपीडी (कामर्शीयल व्हीकल पर डे) एमएसए (मेज्योरमेंट सिस्टम एनालिसिस) दर्ज कर सड़क की मोटाई का आकलन किया है। डीपीआर को अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने हस्ताक्षर कर मुख्य अभियंता कार्यालय भेज दिया है। यहां से दोबारा इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि अगस्त माह में इसे अनुमति मिल जाएगी।

इनका ये है कहना

  • डीपीआर में अधीक्षण अभियंता स्तर से जांच पूरी हो चुकी है। अब मुख्य अभियंता के हस्ताक्षर के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। - एसपी ओझा,अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

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