मुरादाबाद, NOI :  रामपुर की शहर विधायक डा. तजीन फात्मा ने कहा कि सांसद आजम खां की हालत बहुत नाजुक है। पहले भी वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए थे, लेकिन मेदांता अस्पताल से जेल भेज दिया गया था। जेल पहुंचकर उनकी हालत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा क‍ि वह तो यह मानती हैं कि इसमें कोई षड्यंत्र है। यह राजनीति का एक घिनौना स्वरूप है और यकीनन यह सियासी रंजिश है।

आजम खां की पत्नी ने मीडिया से कहा कि वह पिछले 17 महीने से सीतापुर जेल में बंद हैं और साथ में उनका पुत्र अब्दुल्ला आज़म भी जेल में है। आजम खां और अब्दुल्ला सीतापुर जेल में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिस पर इलाज के लिए नौ मई को मेदांता अस्पताल लखनऊ भेज दिया गया था, जहां पर सेहत में कई बार उतार चढ़ाव आया। लेकिन, 13 जुलाई को अचानक परिवार को बिना सूचना दिए मेदांता अस्पताल के डॉक्टर ने दोनों को स्वस्थ बताते हुए वापस सीतापुर जेल भेज दिया था। तब भी हमने कहा था कि पूरी तरह स्वस्थ हुए बगैर ही उन्हें सीतापुर जेल भेज दिया गया। 19 जुलाई को फिर सीतापुर जेल में ही आजम खां की तबीयत बिगड़ी, जिसमें ऑक्सीजन लेवल कम होने और सांस में दिक्कत होने पर डॉक्टर्स ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जिस पर आजम खां को वापस मेदांता अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। पता नहीं कौन से ऐसे हालात थे कि मेदांता अस्पताल ने उन्हें स्वस्थ बता कर डिस्चार्ज कर दिया था और मेदांता के डायरेक्टर को बुलिटिन जारी कर कहना पड़ा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। जबकि मेदांता से डिस्चार्ज होते वक्त की वीडियो को हमने देखा तो उसमें आजम खां को व्हीलचेयर से ले जाया जा रहा था। वह बेहद कमजोर थे और हाथ पैरों में कमजोरी की वजह से उनसे ठीक से एंबुलेंस में चढ़ा भी नहीं जा रहा था, उनको सहारा देकर चढ़ाया गया था।

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