पीएम मोदी आज देंगे कानपुर को मेट्रो की सौगात, यात्रियाें को लुभाएंगी एडवांस्ड ट्रेन की यह खूबियां
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय के बावजूद, कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)रेल परियोजना ने निर्माण कार्य की गति को तेज बनाए रखा और सभी बाधाओं और चुनौतियों को पार कर लिया। यूपीएमआरसी की टीम, ठेकेदारों, मजदूरों, कामगारों और सलाहकारों ने दो साल से भी कम समय में प्रायोरिटी कारिडोर के सिविल निर्माण कार्य को पूरा किया है।
29 दिसंबर से करें सफर : कुमार केशव ने कहा, कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)तीन डिब्बों के साथ आइआइटी कानपुर (IIT Kanpur) से मोतीझील तक प्राथमिकता खंड पर चलेगी। जनता के लिए यात्री सेवाएं 29 दिसंबर, 2021 से खोली जाएंगी। दैनिक मेट्रो सेवाएं सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। शुरुआत में क्यूआर कोड से टिकट की सुविधा होगी, इसके बाद लोगों के लिए स्मार्ट कार्ड भी शुरू की जाएगी। प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, हमारे द्वारा पेश किया गया टिकटिंग माडल कानपुर शहर में दैनिक आवागमन के अनुभव को विश्व स्तर के स्तर तक बढ़ा देगा।
धन की बचत करेगा मेट्रो का सफर : कुमार केशव कहते हैं कि कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)न केवल एक आरामदायक, सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा बल्कि लोगों के हर दिन आने-जाने के तरीके को भी बदल देगा। कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)शहरी परिवहन के अन्य साधनों की तुलना में सस्ती है। यह दैनिक ट्रैफिक जाम में फंसे बिना यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में मदद करके समय और धन की बचत करेगी। उन्होंने कहा कि यूपीएमआरसी आने वाले दिनों में GoSmart कार्ड भी पेश करेगी जो एकल यात्रा पर 10% की छूट प्रदान करेगा। यह यात्रियों को संपर्क रहित यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)सेवाओं की शुरुआत लोगों के जीवन को बदल देगी और शहर में परिवहन के बुनियादी ढांचे में सुधार करेगी।
32.5 किमी लंबा है पहला कारिडाेर : उल्लेखनीय है कि कानपुर मेट्रो रेल परियोजना (Kanpur Metro Rail Project)में दो कारिडोर शामिल हैं, जिसकी कुल लंबाई 32.5 किमी है। पहला कारिडोर आइआइटी कानपुर से नौबस्ता 23.8 किमी लंबा है, जबकि दूसरा कारिडोर चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा 8.6 किमी लंबा है।
कई खासियतों से लैस है कानपुर मेट्रो: शहर की मेट्रो की ट्रेनें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से लैस होंगी जिससे ट्रेन संचालन में 35 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली की मदद से मेट्रो ट्रेन की ब्रेकिंग प्रक्रिया के जरिए ऊर्जा का उत्पादन करती है उसे वापस सिस्टम में भेज देती है। इसके जरिए कानपुर की मेट्रो ट्रेने न सिर्फ ऊर्जा की बचत करेंगी बल्कि इसका उत्पादन भी करेंगी। इसके अलावा स्टेशनों और डिपो पर लगे लिफ्ट भी रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से ऊर्जा बचाने में सक्षम होंगे। इनमें 34% तक की ऊर्जा दक्षता होगी। ऊर्जा की बचत के लिए सभी मेट्रो परिसरों में 100% एलईडी लाइटिंग होगी। इसके अलावा मेट्रो डिपो और स्टेशनों पर सोलर पैनल लगाने की भी योजना तैयार की गई है। कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)को खूबसूरती से डिजाइन किया गया है और इसे ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिफिकेशन) के बजाय तीसरी रेल द्वारा संचालित किया जाएगा। इसमें मेट्रो ट्रेनों के नियमित रखरखाव और रखरखाव के लिए डिजाइन किया गया एक ग्रीन डिपो होगा। मेट्रो की संरचना 'ग्रीन बिल्डिंग' अवधारणा पर विकसित की गई है जिसमें ऊर्जा की बचत के साथ-साथ वाटर रिचार्जिंग की सुविधा भी होगी। कानपुर मेट्रो (Kanpur Metro)शहर में सार्वजनिक परिवहन का सबसे सुरक्षित, सबसे आरामदायक और विश्वसनीय साधन होगा।






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