NOI : भारत में 1988 के मोटर वाहन अधिनियम के तहत मोटर बीमा लेना आवश्यक है। सड़क दुर्घटना के बढ़ते मामले, क्षतिग्रस्त होने वाली कारों की संख्या ने लोगों को अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए मोटर बीमा कराने के विकल्प का चुनाव करने के लिए मजबूर किया है। आईसीआरए के मुताबिक, सामान्य बीमा उद्योग से वित्‍त वर्ष 22 के दौरान ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम आय में 7% से 9% का विकास अपेक्षित है। वित्‍त वर्ष 21 में उद्योग ने 4% का सालाना विकास किया था और यह 1.85 लाख करोड़ रुपए था।

टेक्‍नोलॉजी में हुई प्रगति से भी मोटर इंश्योरेंस में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और ये धीरे-धीरे आ रहे बदलाव आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगे। आज के ग्राहक बीमा के बारे में पहले के मुकाबले अधिक अवगत हैं और अपनी आवश्यकताओं को लेकर परिपक्‍व भी हैं। वे ज्यादा व्‍यैक्तिक सेवाओं की तलाश में रहते हैं, जो बीमाकर्ताओं को ज्यादा अनुकूल प्लान पेश करने के लिए प्रेरित करता है।

ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं और व्यवहार से संचालित उद्योग का माहौल और टेक्‍नोलॉजी में प्रगति को लेकर बीमाकर्ता इस प्रयास में रहते हैं कि सबसे आसान संभव तरीके से अनुकूल उत्पाद मुहैया कराए जाएं।

इस बात का ख्याल रखते हुए मोटर इंश्योरेंस उपभोक्ता हाल ही में कुछ खास बदलाव लाएं हैं, जो 2022 में भी जारी रहेंगे। जानिए, कौन-से हें वो महत्वपूर्ण इंडस्ट्री ट्रेंड्स:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)

अग्रिम तकनीकों ने सूचना प्रणाली के क्षेत्र को पूरी तरह बदल कर रख दिया है, जिससे बीमा उपभोक्ताओं के लिए इसका उपयोग करना और भी आसान हो गया है। क्लेम को पहले ही परख लेने के लिए एआई / एमएल संचालित समाधानों से, समृद्ध डाटा विश्लेषण से क्लेम फ्रॉड का पता लगाना ऑटोमेट किए जाने, क्लेम के परिमाण की शैली का अनुमान लगने और हानि का विश्लेषण ऑटोमेट होने से बीमाकर्ता क्लेम मैनेजमेंट को बेहतर करने में कामयाब रहे हैं। इसके अलावा, विशाल आबादी और डिजिडटल डाटा की उपलब्धता के कारण बीमाकर्ता इंसानो की ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझने लगें हैं।


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