नई दिल्‍ली, NOI : केंद्र सरकार ने महंगाई भत्‍ता (Dearness Allowance) 3 फीसद से अधिक बढ़ाने से इनकार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) वृद्धि की दर को संशोधित करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह पहले से ही मुद्रास्फीति की दर के आधार पर तय की गई है। 

मुद्रास्फीति की दर स्पष्ट रूप से ज्‍यादा

दरअसल, केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में महंगाई भत्‍ते से संबंधित सवालों का जवाब दिया। इनमें यह सवाल भी शामिल था कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 3% पर स्थिर क्यों है जबकि मुद्रास्फीति की दर स्पष्ट रूप से ज्‍यादा है? क्या सरकार कीमतों के हिसाब से DA/DR देने पर विचार करेगी?

कैलकुलेशन अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के तहत

केंद्र सरकार के मुताबिक उसके कर्मचारियों और पेंशनरों को DA और DR में हाइक का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के तहत मुद्रास्फीति की दर के आधार पर किया जाता है। पिछली दो तिमाहियों में मुद्रास्फीति की औसत दर लगभग 5% रही है।

डीए और डीआर बढ़ोतरी के सवाल

केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में डीए और डीआर बढ़ोतरी के सवालों पर कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के DA और DR की गणना लेबर मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के अनुसार मुद्रास्फीति की दर के आधार पर की जाती है।  

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महंगाई की औसत दर 5.01%

उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार कीमतों के अनुसार डीए / डीआर देने पर विचार करेगी और डीए / डीआर को 3% पर स्थिर नहीं रखेगी। चौधरी ने कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। पिछले साल जुलाई-सितंबर तिमाही में औसत खुदरा महंगाई दर 5.08% थी। 2021 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महंगाई की औसत दर 5.01% थी।

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