UP: पंचायत सहायक भर्ती में अपने रिश्तेदारों को नहीं नियुक्त कर सकेंगे प्रधान, जानें- कैसे बनेगी मेरिट
लखनऊ, NOI : UP Panchayat Sahayak Bharti 2021: उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने राज्य में 10वीं और 12वीं पास महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक/एकाउंटेंट कम डाटा इंट्री आपरेटर 58189 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक पंचायत सहायक तैनात होंगे। 10वीं व 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट के जरिए यह भर्ती होगी। अभ्यर्थी उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना चाहिए। 18 से 40 वर्ष की आयु के लोग इसमें आवेदन कर सकते हैं। पंचायत सहायक एक साल की संविदा पर रखे जाएंगे। उन्हें छह हजार रुपये महीना मानदेय मिलेगा।
पंचायत सहायकों की नियुक्ति ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी। प्रधान अपने परिवार व रिश्तेदारों को इसमें नहीं रख पाएंगे। साथ ही पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत जिस श्रेणी में आरक्षित होंगी उसी श्रेणी के सहायक का चयन किया जाएगा। यानी जिन पंचायतों के प्रधान पद अनुसूचित जाति के हैं, वहां अनुसूचित जाति का ही सहायक नियुक्त होगा। आवेदन पत्र सादे कागज पर ग्राम पंचायत या संबंधित विकास खंड या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे। इसमें शैक्षिक अर्हता, आयु एवं जाति संबंधी प्रमाण पत्र लगाना होगा।
ग्राम पंचायत की प्रशासनिक समिति हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकों के प्रतिशत के आधार पर पंचायत सहायक के चयन के लिए पात्रता सूची तैयार करेगी। सबसे अधिक अंक वाले अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थी का पूर्ण विवरण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के पास भेजा जाएगा। अभ्यर्थी की पात्रता का परीक्षण कर समिति नियुक्ति के लिए संस्तुति कर देगी। यदि ग्राम पंचायत द्वारा चयनित अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता नहीं रखता है तो डीएम की समिति ग्राम पंचायत से दूसरे अभ्यर्थी के चयन के लिए कहेगी।
पंचायत सहायक की संविदा एक वर्ष के लिए होगी, यदि सेवाएं संतोषजनक पाई जाती हैं तो ग्राम सभा की खुली बैठक में विचार कर उसकी संविदा एक-एक वर्ष करके दो वर्ष बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पंचायत सहायक का कार्य व आचरण संतोषजनक न होने की दशा में उनके विरूद्ध कार्रवाई ग्राम पंचायत कर सकती है। एक माह की नोटिस पर इन्हें हटाया भी जा सकता है। इसमें आवेदन के लिए न्यूनतम आयु एक जुलाई को 18 वर्ष व अधिकतम 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। एससी, एसटी व ओबीसी के अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। चयनित पंचायत सहायकों को सरकार दो माह का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
ग्राम पंचायत में यदि किसी की कोरोना से मृत्यु हो गई है तो उनके परिवार से जैसे पत्नी या पति, पुत्र, अविवाहित पुत्री, विधवा पुत्री, विधवा माता, अविवाहित भाई, अविवाहित बहन को सबसे पहले चयनित किया जाएगा। यदि आरक्षण श्रेणी की ग्राम पंचायत है और मृतकों के परिजन उस आरक्षण श्रेणी को पूरा करते हैं साथ ही वे इंटरमीडिएट पास हैं तो उनका चयन कर लिया जाएगा। सामान्य श्रेणी की ग्राम पंचायतों में कोरोना से मृत्यु का लाभ सामान्य श्रेणी के परिवारों को ही दिया जाएगा। यदि एक से अधिक आवेदन इस श्रेणी में आते हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
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