लखनऊ, NOI : बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की लम्बे समय से मांग को गैंगस्टर कोर्ट ने आखिरकार मान ही लिया। गैंगस्टर कोर्ट के निर्देश पर बांदा जेल में बंद मऊ से बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी की बैरक में अब टीवी लगेगा।

गाजीपुर की गैंगस्टर कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि जेल मैनुअल और सरकार के आदेश में शामिल प्रावधान के मुताबिक अगर संभव हो तो मुख्तार के बैरक में टीवी लगा दिया जाए। यह ऑर्डर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की तरफ से दिए गए चार पेज के आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया। यह ऑर्डर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की तरफ से चार पेज के आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया। जल्द ही जेल प्रशासन कोर्ट के आदेश का पालन करेगा।

माफिया ने नेता बने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की अपील को कोर्ट ने लम्बे समय बाद सुन लिया। बांदा जेल में बंद डॉन के बैरक में अब एक टीवी लगाया जाएगा। पिछली सुनवाई में उसने कोर्ट से बैरक में टीवी लगाए जाने की मांग की थी। मुख्तार ने कहा था कि वह खेल का बहुत शौकीन है। टोक्यो ओलंपिक देखने के लिए उसके बैरक में टीवी लगाने का निर्देश देने की कृपा करें। उस समय कोर्ट ने उसकी मांग को अनदेखा कर दिया था। अब विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने उसके बैरक में टीवी लगाने ने निर्देश जारी किया है। बांदा जेल के अधीक्षक को माफिया मुख्तार के बैरक में टीवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने देल मैनुअल और सरकार के आदेश के आधार पर मुख्तार के टीवी मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। दरअसल जिन बैरक में कैदी एक साथ रहते हैं वहां पर टीवी लगा होता है, लेकिन मुख्तार के बैरक में कोई और कैदी नहीं रहता है।

गाजीपुर की पुलिस को लखनऊ में नहीं मिलीं मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी

गाजीपुर नगर कोतवाली पुलिस को लखनऊ में मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी अपने पते पर नहीं मिली। मंगलवार की दोपहर में गाजीपुर से रवाना हुई तीन सदस्यीय पुलिस टीम बुधवार की देर शाम तक लखनऊ में इधर-उधर खाक छानती रही। पुलिस का कहना है कि टीम जब लखनऊ पहुंची तो कुछ लोगों से अफ्शां अंसारी के कोलकाता होने की बात सामने आई है। पता लगाया जा रहा है। शासन के एंटी माफिया अभियान के तहत जिला प्रशासन ने मंगलवार को मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी के पिस्टल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। अफ्शां ने पिस्टल का लाइसेंस 2012 में जारी कराया था। इसको जमा कराने के लिए कोतवाली पुलिस की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को लखनऊ जिस पते पर गई वह वहां नहीं मिली। गाजीपुर जिला प्रशासन व पुलिस मुख्तार अंसारी, उसके स्वजन, रिश्तेदार व सहयोगियों के अब तक कुल 85 शस्त्र लाइसेंस को निलंबित कर चुकी है। इसमें 82 शस्त्र को मालखाने में जमा भी करा दिए गए हैं।

गिरोह के 34 लोगों पर गैंगस्टर, 122 के लाइसेंस निरस्त

बीते वर्ष मई में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों के खिलाफ मऊ से कार्रवाई की शुरूआत की गई थी। तब से लेकर अब तक 10 जिलों में मुख्तार गिरोह से जुड़े 34 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई। 122 लोगों के असलहों के लाइसेंस पुलिस की रिपोर्ट पर निरस्त किए गए। अब भी ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम जारी है। गिरोह को संरक्षण देने वाले, जमानत लेने में मदद करने वाले और काली कमाई करने वाले 200 लोगों को साक्ष्य के आधार पर जेल भेजा जा चुका है। 

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