अलीगढ़, NOI :  एडीजे द्वितीय (पाक्सो) शिवानी सिंह की अदालत ने मिशन शक्ति के तहत अकराबाद थाना क्षेत्र में पांच साल पहले चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 14 साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें से 90 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।

30 अक्‍टूबर 2017 की घटना

विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा ने बताया कि यह घटना अकराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में 30 अक्टूबर 2017 को हुई थी। महिला ने तहरीर देकर बताया था कि घटना से 15 दिन पहले क्षेत्र के ही गांव स्थित ससुराल से अपने मायके में आ गई थी। 30 अक्टूबर की दोपहर उनकी चार साल की बच्ची पड़ोस के घर के बाहर खेल रही थी, तभी गांव का इंद्रपाल बच्ची के पास आ गया। इंद्रपाल ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर उसके चाचा आ गए, जिसके बाद इंद्रपाल भाग गया था। इस मामले में पुलिस ने इंद्रपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके आरोप पत्र दायर किया था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने सत्र परीक्षण व गवाहों के आधार पर इंद्रपाल को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया है।

दोहरे हत्याकांड में वांछित दोषी 30 साल बाद चढ़ा हत्थे

जवां। क्षेत्र के गांव में 35 साल पहले हुई दोहरे हत्याकांड के मामले में सजा होने के बाद दोषी पैरोल पर छूटकर फरार हो गया। अदालत ने समन, वारंट जारी किए। कुर्की तक हो गई। इस पर ढाई हजार का इनाम घोषित हो गया। लेकिन, आरोपित छिपा रहा। पुलिस ने शुक्रवार को 30 साल बाद आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। पुलिस के मुताबिक, जवां थाना क्षेत्र के गांव सुमेरपुर में वर्ष 1985 में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में साक्ष्य के आधार पर आरोपित गांव बहादुर कोटा निवासी सत्यवीर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अदालत ने सत्यवीर को आजीवन कारावास की सजा भी सुना दी। वहीं वर्ष 1992 में सत्यवीर पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था। इसके बाद कई वारंट जारी किए गए। कुर्की भी हुई। लेकिन, आरोपित का कोई पता नहीं चला। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। इसमें एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत की स्वाट टीम ने सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने नेतृत्व में सत्यवीर को 30 साल बाद दबोच लिया। इसके लिए कई दिनों की अथक मेहनत, इलेक्ट्रानिक्स सर्विलांस आदि की मदद ली गई। सत्यवीर अपना घर छोड़कर पहचान छुपाकर गौतमबुद्धनगर में दूध की डेयरी चलाता था, जो अपने परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं रख रहा था। अब कुछ बर्षों से चोरी छिपे कभी-कभार अपने परिवार वालों से मिलने आ आता था। सत्यवीर कुछ दिनोंसे बीमार था। ऐसे में अस्पताल में जाने के दौरान सुमेरा तिराहे से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। सत्यवीर पर वर्ष 2018 में ढाई हजार का इनाम भी घोषित हुआ था। एसएसपी ने कहा कि इस अभूतपूर्व कार्रवाई पर स्वाट व थाना जवां की मेहनती पुलिस पार्टी इनाम की हकदार है।

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