जयपुर निगम निगम के पार्षद, महापौर और अफसर हुए आमने-सामने, अफसरों व कर्मचारियों ने काम का किया बहिष्कार
जयपुर NOI : जयपुर नगर निगम ग्रेटर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच खींचतान सार्वजनिक हो गई है। पार्षद और अधिकारी एक-दूसरे के आमने-सामने हो गए हैं। सोमवार को हुई निगम की साधारण सभा की बैठक में आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के खिलाफ लाया गया निन्दा प्रस्ताव विवाद का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
आयुक्त के समर्थन में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने मंगलवार को काम का बहिष्कार किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पेनड़ाउन हड़ताल की घोषणा की। सोमवार को हुए विवाद के बाद महापौर सौम्भ्या गुर्जर ने साधारण सभा को मंगलवार को भी जारी रखने का फैसला लेते हुए सुबह 10 बजे बैठक बुलाई थी। साधारण सभा में अधिकारियों और कर्मचारियों के नहीं होने के कारण बैठक को फिर स्थगित करने का निर्णय लिया गया। कर्मचारी ट्रेड यूनियन, सफाई कर्मचारियों की यूनियन ने निगम मुख्यालय पर महापौर व पार्षदों के खिलाफ नारेबाजी की ।
निगम के इन हालातों के कारण मंगलवार को कोई काम नहीं हो सका है। इससे आम लोगों को छोटे-मोटे काम जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मैरिज रजिस्ट्रेशन जैसे काम के लिए भटकना पड़ा। निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि महापौर और पार्षदों ने आयुक्त के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित किया। आयुक्त ने खुद के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित होने के बाद निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को काम बन्द कर हड़ताल पर जाने के लिए कहा । आयुक्त के इस आदेश पर काम बन्द कर दिया गया । निगम के वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल में अभी तीन साल से ज्यादा का समय शेष है । लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों में टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले साल 4 जून को नगर निगम ग्रेटर में ही महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद नगर निगम के सभी कर्मचारी-अधिकारी जनप्रतिनिधियों के विरोध में उतर गए थे और धरने पर बैठ गए थे।
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