लबालब हुए तालाब और पोखरे तो प्रयागराज में बढ़ने लगा भूजल स्तर, जागरूकता का बेहतर नतीजा
प्रयागराज, NOI : ग्रामीणों के जोश और जुनून तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अफसरों के उत्साह ने दिशा ही नहीं दशा भी बदल दी है। खासतौर पर जल संरक्षण की दिशा में गजब का माहौल बना है। बदलाव की इस बयार ने जनपद के चार ब्लाकों के भूजल स्तर को सुधार दिया है। इससे उम्मीद और जग गई है कि अन्य ब्लाक क्षेत्रों को भी सुधारा जा सकता है।
चाका, बहादुरपुर, धनूपुर व प्रतापपुर ब्लाक में भूजल स्तर सुधरा
पांच साल पहले वर्ष 2017 में चाका ब्लाक अति दोहित श्रेणी में था, जो अब क्रिटिकल जोन में आ गया। इसी तरह बहादुरपुर, धनूपुर व प्रतापपुर पांच साल पहले क्रिटिकल श्रेणी में थे, जो अब सेमी क्रिटिकल में आ गए। इन तीनों ब्लाक क्षेत्र के सेफ जोन में आने की उम्मीद बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि इन ब्लाकों में लगभग 180 बड़े तालाबों, 230 छोटे तालाबों तथा 160 पोखरों का संरक्षण किया गया। इनमें ज्यादातर तालाब और पोखर में गर्मी के दिनों में भी लबालब हैैं।
मनरेगा से हुआ दो सौ करोड़ का काम
जनपद में तालाबों, पोखरों की खोदाई, सौंदर्यीकरण के लिए मनरेगा से पिछले आठ वर्षों के दौरान लगभग दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके तहत लगभग 2250 तालाबों व पोखरों की खोदाई हुई और उसमें जल संचयन कराया जा रहा है। खोदे गए तालाबों में बारिश के पानी के इकट्ठा होने से ही जल स्तर में तेजी से सुधार हो रहा है। मनरेगा उपायुक्त कपिल कुमार का कहना है कि तालाबों को गर्मी के दिनों में नहरों के पानी से भरवाया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर बना रहे।
भूजल विज्ञानी का है कहना
तालाबों और पोखरों में वर्षा जल संचय से ही भूजल स्तर तेजी से सुधरा है। खासतौर से चाका ब्लाक की स्थिति में तो अप्रत्याशित सुधार हुआ है। यहां यमुना के किनारे कछारी गांवों की हालत पहले बेहद खराब हो गई थी।
-अर्चना सिंह, भूजल विज्ञानी
Leave A Comment
LIVE अपडेट
राज्य
Stay Connected
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.






0 Comments
No Comments