उदयपुर NOI :-  जालौर में शिक्षक पिटाई से दलित छात्र की मौत का चल रहा बवाल पहले से ही जारी है, वहीं अब उदयपुर के एक निजी स्कूल में एक छात्र की पिटाई से उसके दांत टूटने का मामला सामने आया है। यहां माउंट लिटेराजी स्कूल में कक्षा नौ के छात्र सम्यक नंदावत के पिता भरत ने शिक्षक कमलेश वैष्णव के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। जिसमें आरोप लगाया गया कि शिक्षक ने उनके 14 साल के बेटे की इस कदर मारपीट की, कि उसके दो दांत टूट गए। इधर, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बैंच से टकराने के चलते उसके साथ यह हादसा हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार छात्र सम्यक के पिता भरत ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने कोई प्रश्न बच्चों से पूछा और उनके बेटे ने किसी बच्चे का नाम लिए जाने से पहले ही उसका जबाव दे दिया था। इससे आवेश में आए शिक्षक ने सम्यक का सिर पकड़कर टेबल पर दे मारा। उससे उसके आगे के दो दांत टूट गए। इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने ना तो शिक्षक को उसके कृत्य के लिए चेतावनी दी और ना ही उनके बेटे का उपचार कराया। घर लौटने पर बेटे ने यह बात बताई तब उन्होंने मामला दर्ज कराने से पहले स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में बात की थी।

दूसरी ओर स्कूल प्रबंधक अरूण मंडोत का कहना है कि परीक्षा के बाद स्कूल में रिवीजन क्लास चल रही थीं। सम्यक क्लास के दौरान खड़ा होकर बोल रहा था और शिक्षक ने उसे बैठने को कहा था। बैठते समय उसका जबड़ा टेबल से टकरा गया था। उन्होंने शिक्षक के बचाव में कहा कि वह विनम्र स्वभाव के हैं।

इधर, मामला दर्ज किए जाने के बाद हिरणमगरी थाना पुलिस का कहना है कि पुलिस ने शिक्षक कमलेश वैष्णव के खिलाफ पिटाई का मामला दर्ज कर चोटें पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया। शुक्रवार को जन्माष्टमी का अवकाश है और शनिवार को पुलिस घटनास्थल पर जाएगी और इस संबंध में बच्चे के साथ साथ पढ़ रहे अन्य बच्चों को अलग से बुलाकर बात करेगी तब सच्चाई सामने आ जाएगी।

जालोर में दलित बालक की मौत मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई

राजस्थान में जालोर के सुराणा गांव में शिक्षक की पिटाई से गंभीर रूप से घायल और फिर उपचार के दौरान नौ वर्षीय दलित बच्चे इंद्र की मौत के मामले में राजनीति तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने ट्वीट में लिखा कि दलित बच्चे की मौत के मामले को केस आफिसर स्कीम में लिया गया है, जिससे फास्ट ट्रैक ट्रायल करवाया जा सके। परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के संबंध में पूर्व के मामलों का परीक्षण करवाया जा रहा है।

पीड़ित स्वजनों को अनुसूचित जाति-जनजाति कानून के तहत और मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता राशि दी गई है। इसके साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। 

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