अयोध्या, NOI : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिव्य अयोध्या निर्माण के राम-काज में हनुमान जी की तरह समर्पित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूत की भमिका में कोई कसर नहीं छोड़ी और रामनगरी को उनकी मंशा के अनुरूप आकार देने की योजना के अग्रदूत बनकर उभरे। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर राम मंदिर भूमि पूजन की एक वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन की तैयारी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी यजमान की भूमिका में होंगे। वह गत 50 माह के दौरान 29वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को अयोध्या आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रमुख संत-महंतों भी शामिल होंगे।  

रामनगरी अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जुड़ाव गुरु और दादा गुरु के जमाने का ही है। गुरु अवेद्यनाथ के साथ वे एक दशक तक अयोध्या आते- जाते रहे, राम मंदिर सहित स्थानीय संतों से आत्मीयता उन्हें गुरु से ही विरासत में मिली। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उनका रामनगरी से जुड़ाव और निखर कर सामने आया। नौ नवंबर 2019 को रामलला के हक में आए निर्णय के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगाह भी रामनगरी की ओर केंद्रित हुई और उन्होंने रामनगरी को विश्व की शीर्ष सांस्कृतिक नगरी बनाने की परिकल्पना दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को आाकार देने की राह पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वह गत 50 माह के दौरान 29वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को अयोध्या आ रहे हैं। वर्ष 2017 से ही प्रत्येक वर्ष छोटी दीपावली के दिन दीपोत्सव की परंपरा डालने के साथ सीएम योगी पहले से ही अयोध्या को वैश्विक क्षितिज पर प्रस्तुत करने का प्रयास करते रहे हैं और जल्दी ही वे प्रधानमंत्री की अगुवाई में वे रामभक्तों को दिव्य-नव्य अयोध्या की सौगात देने की तैयारी में हैं।

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