जयपुर NOI :- राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में आंतरिक खींचतान कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। गुजरात (Gujarat) और दिल्ली (Delhi) के तीन दिवसीय दौरे से जयपुर (Jaipur) लौटे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अपने विश्वस्तों को साफ कर दिया कि वे राजस्थान की राजनीति से दूर नहीं जाएंगे। प्रदेश में ही रहेंगे, हालांकि भाजपा से मुकाबला करने के लिए पार्टी की तरफ से राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे उठाते रहेंगे। जरूरत के अनुसार, दिल्ली सहित देशभर में आंदोलन भी करेंगे । सूत्रों के अनुसार, अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगाए जा रहे कयासों को विराम देते हुए अपने विश्वस्तों से कहा कि उन्हें 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करनी हैं।

पायलट खेमा गांधी परिवार को वादा याद दिलाने में जुटा

उधर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) खेमा सीएम बदले जाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सचिन पायलट के विश्वस्त गहलोत सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार के तीनों सदस्यों ने सचिन को सीएम बनाने का वादा किया था। उम्मीद है गांधी परिवार यह वादा अवश्य पूरा करेगा। इस मंत्री ने कहा कि गहलोत द्वारा बार-बार खुद पर निशाना साधे जाने के बावजूद पायलट के नहीं बोलने का कारण गांधी परिवार से किया गया वादा है। सचिन पायलट ने गांधी परिवार से कहा था कि वे सीएम या सरकार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं बोलेंगे। इस मंत्री ने कहा कि आलाकमान को भी इस बात की जानकारी है कि पायलट को आगे कर के चुनाव लड़ने पर ही पार्टी 2023 में भाजपा के मुकाबले में आ सकती है।

अशोक गहलोत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पार्टी अध्यक्ष बनाने को लेकर नेताओं के बीच सहमति बनाने में जुटे हैं। अशोक गहलोत नेताओं को यह समझाने में जुटे हैं कि गांधी परिवार के आगे रहने से ही कांग्रेस एकजुट रह सकती है। उन्होंने खुद के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया है। अशोक गहलोत ने जयपुर में अपने विश्वस्तों से कहा कि राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनना चाहिए। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अशोक गहलोत के कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की चर्चाएं चल रही थी। सचिन पायलट भी राहुल को अध्यक्ष बनाने को लेकर नेताओं के संपर्क में है। कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला अगले एक महीने में होना है।

पायलट खेमे में बढ़ रही विधायकों की संख्या

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस आलाकमान को इस बात की जानकारी है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी लंबे समय से नहीं हो रही है। 15 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विधायकों ने तैयारी शुरू कर दी है। अब तक अशोक गहलोत खेमे में माने जाने वाले विधायक दानिश अबरार, रोहित बोहरा, प्रशांत बैरवा ने पिछले दो महीनों से कई बार पायलट से मुलाकात की है। गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा और सेवादल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चौधरी ने पिछले दिनों में कई बार सचिन पायलट के प्रति आस्था जताई है।

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