लखनऊ NOI :-  बीते दो दिन से प्रदेश में हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। इन जिलों में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इनमें से ज्यादातर जिले पूर्वांचल के हैं जिनमें सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोंडा, प्रयागराज, चंदौली, कुशीनगर आदि जिले शामिल हैं।

शासन को जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में तकरीबन पांच लाख हेक्टेयर क्षेत्र सूखे से प्रभावित हुआ है। सूखे से प्रभावित जिलों की संख्या बढ़ भी सकती है। कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने गुरुवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर उनसे सूखे की स्थिति के बारे में फीडबैक हासिल किया।

मुख्यमंत्री ने सात सितंबर को जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जिलों में सूखे की स्थिति का आकलन कराकर अपनी रिपोर्ट 14 सितंबर तक शासन को भेजें। बुधवार तक शासन को जिलों से जो रिपोर्ट मिली थी, उसमें डेढ़ दर्जन से अधिक जिलों में सूखे की स्थिति सामने आई थी। हालांकि, कई जिलों ने राहत आयुक्त के पोर्टल पर इन आंकड़ों को लाक नहीं किया था।

वजह यह थी कि कुछ जिलों के कुछ गांवों में नजरी सर्वेक्षण का काम बाकी रह गया है तो कुछ अन्य में कई गांवों का फिर से सर्वेक्षण किया जा रहा है। कुछ जिले ऐसे हैं जो फिर से अपने आंकड़ों का मिलान सर्वेक्षण रिपोर्ट से कर रहे हैं। गुरुवार को हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में 17 जिलों में सूखे के हालात की पुष्टि हुई। जिलों से मिले फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट को फाइनल कर जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी है।

विधान मंडल का मानसून सत्र 19 सितंबर से शुरू हो रहा है। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष सूखे के कारण किसानों की फसलों को हुई क्षति का मुद्दा भी उठाएगा। माना जा रहा है कि विपक्ष के हमले की धार कुंद करने के लिए सरकार सूखे की स्थिति के बारे में जल्द ही निर्णय लेगी।

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