हिसार NOI :- हिसार में पुलिस एवं प्रशासन की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। नशा तस्करी करने वाले एक व्यक्ति के मकान को ढहा दिया है और दूसरे मकान पर को डराने के लिए पीला पंजा चल रहा है। यह नशा तस्करों को रोकने और नशा पर अंकुश लगाने को लेकर कार्रवाई की गई है, ताकि कोई अन्य व्यक्ति नशे का व्यापार ना करें। इसको लेकर बस्ती के लोगों में भी काफी रोष है। इसके चलते भारी पुलिस बल भी तैनात है।
जिला प्रशासन की तरफ से तहसीलदार हरकेश गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग से पीएमओ डा. रत्ना भारती, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुरेश कौशिक सहित अन्य डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंची हुई है। इसके अलावा एंबुलेंस और अग्निशामक यंत्रों की भी व्यवस्था की गई है। एक जेसीबी को पुलिस की तरफ से मकान को तोड़ने के लिए लगाया गया है।

यह कदम जिला प्रशासन की तरफ से उठाए गया है। 2 दिन पहले ही मकान के बाहर मकान तोड़ने का नोटिस चस्पा किया गया था। वीरवार सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम आंबेडकर बस्ती में पहुंचे उस समय दोनों मकानों से सामान बाहर नहीं निकाला गया था। ऐसे में उनकी टीम ने खुद सामान बाहर निकाला और बिजली के कनेक्शन हटाए। इसके बाद ही पुलिस ने मकान तोड़ने को लेकर अपनी कार्रवाई शुरू की।


बस्ती के प्रधान के अनुसार

आंबेडकर बस्ती प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि पुलिस ने अब कार्रवाई की है। पहले नोटिस लगाकर 2 महीने का समय दिया होता तो परिवार को रहने के लिए कोई जगह मिल जाती। अब वह कैसे रहेंगे। अगर नशे पर प्रशासन को उनको से लगाना है तो नशा बेचने वाले या व्यापार करने वाले को ही रुकना होगा। पाकिस्तान से खुलेआम नशा आ रहा है। सरकार उसको कुछ नहीं कर रही। बॉर्डर पर सेना और पुलिस तैनात है। इसके बावजूद इतना नशा देश में आ रहा है।

शहर के अंबेडकर बस्ती में करीब मकान है। प्रशासन के अनुसार यह सभी मकान सिविल अस्पताल की जमीन पर बने हुए हैं, जो अवैध रूप से कब्जा है। इस कब्जे को हटवाने के लिए और नशा तस्करों द्वारा नशा बेचकर कमाए गए पैसों से बनाए मकानों को तोड़ना है। काफी सालों से सिविल अस्पताल की जमीन पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। अब कार्रवाई होना शुरू हो गई है।

यह है मालिक

एक मकान मालिक कुलदीप है, जिसके परिवार में उसकी पत्नी और उसकी मां व दो बेटे और एक बेटी है। पुलिस के अनुसार कुलदीप पर 4 केस दर्ज है और उसकी मां पत्नी व बेटे पर एक एक केस दर्ज है। यह सभी एनडीपीएस के केस दर्ज है।

दूसरा मकान मालिक रामफल है जिसकी काफी साल पहले मौत हो गई थी। वह बकरा और भेड़ बेचने का काम करता था। रामफल की मौत के बाद उसकी पत्नी कविता उर्फ काली ने घर की बागडोर संभाली और नशा का काम शुरू कर दिया। कविता पर एनडीपीएस की करीब 14 मुकदमे दर्ज है। फिलहाल वह माह से जेल में है। उसके परिवार में दो बेटे व एक बेटी है। कविता ने नशा तस्करी का काम शुरू के बाद ही मकान बनाया था।

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