नई दिल्ली, NOI :- भारत की साइबर-सुरक्षा टीम, सर्ट-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) ने ऐपल डिवाइस मालिकों को ऐपल के वेब ब्राउज़र, सफारी और iOS 16.1 में बग के बारे में आगाह किया है, जो मलिशियस अटैकर्स को यूजर्स की संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

Apple iOS और iPad OS को प्रभावित करने वाले बग


इन खतरों का वर्णन करते हुए, सर्ट-इन ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि Apple iOS और iPad OS में कई कमजोरियों की सूचना मिली है, जो रिमोट अटैकर्स को 'संवेदनशील जानकारी तक एक्सेस पाने, मनमानी कोड निष्पादित करने और लक्षित डिवाइस पर DoDs हमले दर्ज करने की अनुमति दे सकती है। 

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साइबर सुरक्षा एजेंसी ने यह भी कहा कि इस भेद्यता से भयकर ढ़ग से शोषण किया जा रहा है। बता दें कि इसका इस्तेमाल हमलावरों द्वारा केवल पीड़ित को विशेष रूप से तैयार की गई फ़ाइल या ऐप खोलने के लिए राजी करने के लिए किया जाता है।

प्रभावित डिवाइस और OS वर्जन


यह iPadOS 16 से पहले के सभी iPadOS वर्जन और iOS 16.0.3 से पहले के iOS वर्जन को प्रभावित कर रहा है। प्रभावित उपकरणों की सूची में iPhone 8 और असके बाद में फोन्स, सभी iPad Pro मॉडल, थर्ड-जेन iPad Air, उसके बाद के डिवाइस और पांचवीं-पीढ़ी के iPad मिनी और बाद में डिवाइस को प्रभावित कर रहा हैं। इस खतरे से खुद को बचाने के लिए, iPhone यूजर्स को अपने डिवाइस पर iOS 16.0.3 और iPadOS 16 में अपडेट करना होगा।

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सफारी वेब ब्राउजर को प्रभावित करने वाली भेद्यता


साइबर-सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि ये कमजोरियां हमलावर को URL के जरिए धोखा देने, संवेदनशील जानकारी का खुलासा करने या लक्षित सिस्टम पर मनमाना कोड निष्पादित करने की अनुमति दे सकती है। बता दें कि ये कमजोरियां 16.1 से पहले के सभी सफारी वर्जन को प्रभावित कर रही हैं। Apple डिवाइस के मालिक अपनी सुरक्षा के लिए Apple के वेब ब्राउज़र का लेटेस्म संस्करण डाउनलोड कर सकते हैं|

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