नई दिल्ली, NOI :- पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी, जिन्होंने पहले ही अपनी मूल पेंशन का एक प्रतिशत एकमुश्त भुगतान के रूप में वापस लेने का विकल्प चुना है, उन्हें दोबारा या बाद में ऐसा करने की अनुमति नहीं है।

एक कार्यालय ज्ञापन में डीओपीपीडब्ल्यू ने इस बात की जानकारी दी है कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन का कम्यूटेशन) नियम, 1981 के प्रावधानों के अनुसार एक से अधिक अवसरों पर पेंशन के एकमुश्त भुगतान की अनुमति नहीं है।

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क्या है सीसीएस रूल


सीसीएस (कम्यूटेशन ऑफ पेंशन) नियम 1981 के नियम 5 के अनुसार, एक सरकारी कर्मचारी एकमुश्त भुगतान के रूप में मूल पेंशन के 40 प्रतिशत तक कम्यूटेशन या निकासी कर सकता है। डीओपीपीडब्ल्यू ने यह स्पष्टीकरण दूसरी बार पेंशन के एक हिस्से की एकमुश्त निकासी के संबंध में ढेरों आवेदन मिलने के बाद जारी किया है। बहुत से सरकारी कर्मचारियों ने इस बारे में पूछा था कि क्या मूल पेंशन के शेष भाग को दूसरी बार 40 प्रतिशत की सीमा के भीतर वापस लेने या बदलने की अनुमति है या नहीं।

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DoPPW ने अपने ज्ञापन में क्या कहा


DoPPW ने अपने ज्ञापन में कहा है कि सीसीएस (पेंशन का कम्यूटेशन) नियम 10 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी अंतिम पेंशन का एक प्रतिशत निकालता है और पेंशन को रिवाइज कर दिया जाता है तो पेंशन पाने वालों को अंतर का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, इसने स्पष्ट किया कि 1981 के नियम के तहत पेंशन के एक हिस्से को दूसरी बार सीमा के भीतर निकालने या कम्यूटेशन के लिए कोई प्रावधान नहीं है, चाहे व्यक्ति ने मूल पेंशन के 40 प्रतिशत तक का ही भुगतान लिया हो।

DoPPW ने कहा है कि किसी भी डिफरेंस का भुगतान करने के लिए आवेदक को अलग से एप्लीकेशन दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।

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