नई दिल्ली, NOI :- दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एम्स के प्रभावित सर्वर की फोरेंसिक इमेज को जांच के लिए ले लिया है। इसके माध्यम से पुलिस हैकरों का पता लगाएगी। शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि हैकरों ने एम्स के पांच सर्वरों को हैक किया था। इसमें कुछ डाटा चुराने की बात भी समाने आ रही है। हालांकि, पुलिस डाटा चोरी की बात से इन्कार कर रही है। बता दें कि इस साइबर अटैक के कारण एम्स की डिजिटल सेवाएं 11वें दिन भी बंद रही।

रैनसमवेयर वायरस के सोर्स की हो रही तलाश


डीसीपी प्रशांत प्रिय गौतम ने बताया कि एम्स सर्वर की फोरेंसिक इमेज शुक्रवार को ली गई। अब टीम जांच कर रही है। फोरेंसिक इमेज से सर्वर हैक होने के समय की स्थिति का पता लगाया जाता है। इसलिए इमेज के माध्यम से हैक होते समय रैनसमवेयर या अन्य वायरस और उसके स्रोत के बारे में जानकारी ली जाएगी। द्वारका स्थित कार्यालय में एक टीम इस इमेज की जांच में जुटी है।चीन का हाथ होने के संकेत जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अभी तक इस हैकिंग के पीछे चीन में बैठे हैकर्स का हाथ होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल फारेंसिक इमेज से इस बात का पुख्ता जानकारी हासिल होगी। इसके अलावा एम्स के मरीजों का डाटा हैक कर डार्क वेब पर भी बेचने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर जांच कर रही है।

11वें दिन भी डिजिटल सेवाएं नहीं हो पाई शुरू


बता दें कि एम्स की डिजिटल सेवाएं लगातार 11वें दिन तक बाधित रही है। इसे लेकर प्रशासन का कहना है कि जल्द ही डिजिटल सेवाओं को बहाल किया जाएगा। लेकिन फिलहाल एम्स का आईटी डिपार्टमेंट सभी सिस्टम को फार्मेट करने में लगा है। रेमसमवेयर अटैक के कारण मरीजों के इलाज और ओपीडी के पंजीकरण में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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