नई दिल्ली, NOI : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों को खारिज किया है। आरबीआई ने कहा कि उसके पास उसके कर्मचारियों के आचरण को जांचने के लिए आंतरिक तंत्र है। आरबीआई ने आगे कहा कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा विभिन्न बैंकिंग घोटालों में अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच की मांग वाली याचिका में दिया गया बयान भ्रामक और गैर-प्रमाणित हैं।

स्वामी की याचिका खारिज करने की मांग


आरबीआई ने स्वामी की याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पास याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं है, इसें तथ्यात्मक और कानूनी त्रुटियां हैं। आरबीआई ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा घोटालों को आरबीआई अधिकारियों से जोड़ने की कोशिश करने वाले दावे भ्रामक हैं।

RBI ने दायर किया हलफनामा


आरबीआई ने अदालत में दायर एक हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया है। पूरी संस्था के खिलाफ अस्पष्ट और आरोप लगाए गए हैं।

सीवीसी करता है निगरानी


आरबीआई ने अदालत को बताया कि उसका एक केंद्रीय सतर्कता प्रकोष्ठ (सीवीसी) भी है, जो कर्मचारियों के आचरण की निगरानी करता है। "यह जांच एजेंसियों के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं और लागू कानून के अनुसार जांच करने के लिए है। जनहित याचिका में जिन घोटालों के बारे में बताया गया है, उन घोटालों की जांच पहले से ही सीबीआई और ईडी कर रही है।"

स्वामी को तीन हफ्ते का वक्त


जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने स्वामी को हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

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