चमोली, NOI :- आपदाग्रस्त जोशीमठ में भवनों और भूमि पर दरारों का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे असुरक्षित भवनों के आंकड़े में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। ताजा अपडेट के अनुसार आज जेसीबी मशीन में लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस टूटेगा। लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले को दरारें बढ़ने के कारण रविवार को असुरक्षित घोषित कर खाली करा दिया गया था। इसके बाद यह भवन एक तरफ झुकने लगा, जिसको देखते हुए मंगलवार को शासन ने इसे विघटित करने का आदेश दिया। बुधवार को यह कार्य शुरू हो गया। सीबीआरआइ के विज्ञानियों की देखरेख में हो रही डिस्मेंटलिंग में पहले दिन यहां खिड़की-दरवाजे और उनकी चौखट हटाई गई। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में भवन में दरारों के साथ झुकाव बढ़ा है।

जेपी कालोनी में असुरक्षित भवनों को तोड़ना जारी जोशीमठ के मारवाड़ी क्षेत्र में स्थित जेपी कालोनी में भी असुरक्षित भवनों को तोड़ने का काम जारी है। यहां 14 भवन सीबीआरआइ के विज्ञानियों की देखरेख में यांत्रिक तरीके से एक-एक करके हटाए जाएंगे। अभी टीम दो भवनों में डिस्मेंटलिंग कर रही है। मंगलवार को शुरू हुआ यह कार्य जेपी कंपनी स्वयं अपने इंजीनियरों और श्रमिकों से करा रही है।

होटलों की ऊपरी मंजिल टूटने की कगार पर सिंहधार क्षेत्र में बहुमंजिला होटलों मलारी इन और माउंट व्यू में डिस्मेंटलिंग जारी है। बुधवार को होटलों की ऊपरी मंजिल में छत और कालम को तोड़ने का कार्य हुआ। साथ ही नीचे के तलों में खिड़की-दरवाजे आदि हटाए गए। इसी क्षेत्र में स्थित होटल स्नो क्रिस्ट और कामेट लाज के झुकने का सिलसिला जारी है। दरारों की चौड़ाई भी बढ़ रही है। जिसके चलते प्रशासन ने यहां लाल निशान लगा दिए हैं, मगर होटलों को हटाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

बदरीनाथ हाईवे पर तीन जगह नई दरारें जोशीमठ में बदरीनाथ हाईवे समेत अन्य सड़कों पर भी नई दरारें आने का सिलसिला जारी है। सड़कों पर दरारों की चौड़ाई भी बढ़ रही है। बुधवार को बदरीनाथ हाईवे पर तहसील के पास तीन जगह नई दरारें देखी गईं। हाईवे पर पहले से आई दरारें चौड़ी भी हुई हैं। तहसील के भवन में भी दरारें बढ़ रही हैं। हालांकि, इस भवन को अभी असुरक्षित नहीं घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी दी, तथा आपदा राहत हेतु केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, श्री बद्रीनाथ जी का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ पुराने भू-स्खलन के मोटी परत के मलबे के ऊपर बसा है। यद्यपि भू-स्खलन, भवनों में दरारों का इतिहास पुराना है परन्तु 2 जनवरी की रात से भवनों में मोटी दरारें दृष्टिगोचर हुई तथा जेपी प्लान्ट के नीचे 500 एलपीएम की नई धारा फूटने की शिकायत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है जिसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 25000 है।

  • पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 है, उस में से 849 भवनों में चौड़ी दरारें परिलक्षित हो चुकी है, अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं, सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरन्तर बढ़ रहे हैं। जबकि पुनर्वास हेतु पांच स्थल चिन्ह्ति किये गये है, जिनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल 09 वार्ड में से 04 वार्ड पूर्णरूपेण प्रभावित हैं जबकि 08 केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे है।

0 Comments

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment

Login with your mobile number to post a comment. New here? Create your account using OTP verification.

Get Newsletter

Advertisement