आगरा, जागरण संवाददाता। एसओजी का सिपाही बनकर ठगी के आरोपित कामरान और उसके साथी सचिन को एत्माद्दौला पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित से पुलिस का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। उसने पुलिस की वर्दी में वाट्सएप डीपी लगा रखी थी। महिला समेत कई लोगों से ठगी का आरोप है। वहीं, गिरफ्तार उसका साथी सचिन फतेहाबाद थाने से हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था।

एक युवती को महीने भर से परेशान कर रहा था आरोपित

डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि आरोपित कामरान एक युवती काे महीने भर से परेशान कर रहा था। युवती का परिचित किसी मामले में जेल गया था। इस दौरान युवती की मुलाकात कामरान से हुई। उसने खुद को एसजोअी में बताया। युवती को वर्दी में अपनी फोटो भी दिखाई। युवती के परिचित की मदद करने की कहकर अपने प्रभाव में ले लिया। परिचित को जेल से निकलवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे।

पुलिस ने की छानबीन तो खुला राज

युवती के सामने एक दिन अपने साथ बिताने की कहा तो उसने बात करना बंद कर दिया। आरोपित कामरान उस पर दबाव बनाने लगा। युवती ने फाउंड्री नगर चौकी प्रभारी निशांत पिपल को जानकारी देकर मदद मांगी। पुलिस छानबीन में पता चला कि कामरान ने पुलिस की वर्दी में डीपी लगा रखी थी। क्षेत्र के लोगों से खुद को एसओजी वाला बताता है। थाने में कोई काम कराने का ठेका लेता था।

आरोपितों से बरामद हुआ तमंचा और फर्जी पहचान पत्र

पुलिस ने सोमवार को शोभा नगर के पास कामरान और काली नगर फतेहाबाद के रहने वाले सचिन को गिरफ्तार किया। आरोपितों से तमंचा और पुलिस का फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। पूछताछ में कामरान ने बताया कि पहचान पत्र उसने पुलिस चेकिंग से बचने के लिए बनवाया था। उनसे बरामद कार नंबर की जांच करने पर वह प्रयागराज की निकली। दोनाें उसके प्रपत्र नहीं दिखा सके। डीसीपी ने बताया आरोपितों को जेल भेजा गया है। कार की जांच कराई जा रही है।


0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement