लेखा कर्मचारियों व अधिकारियों ने मामले पर विरोध जताना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई गई है। उत्तर प्रदेश लेखा संवर्ग में कई पदों पर पदोन्नति के जरिए भर्ती होती है।

पावर कॉरपोरेशन में पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी है। इसके लिए लेखा संवर्ग की नियमावली में गुपचुप बदलाव किया जा रहा है। भनक लगने पर लेखा कर्मचारियों व अधिकारियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। इसके विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से गुहार भी लगाई है।

उत्तर प्रदेश लेखा संवर्ग में सहायक लेखाकार पद पर सीधी भर्ती होती है। जबकि लेखाकार, सहायक लेखाधिकारी सहित अन्य सभी पदों को पदोन्नति के जरिये भरा जाता है। इसी तरह लेखाधिकारी पद पर सीधी भर्ती होती है और वरिष्ठ लेखाधिकारी, उप मुख्य लेखाधिकारी, उप महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, मुख्य महाप्रबंधक पद पर शत-प्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान है।

लेखा विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन में निदेशक (वित्त) की ओर से सेवा नियमावली संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने जनवरी में शक्ति भवन में निदेशक (वित्त) कार्यालय का घेराव भी किया था। अब आक्रोशित कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।

मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि यदि पदोन्नति वाले पदों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा तो न्यूनतम पद पर सीधी भर्ती से आने वाले कर्मियों का हक मारा जाएगा, क्योंकि पावर कॉरपोरेशन में उच्च पदों की संख्या वरिष्ठता के आधार पर कम होती रहती है। सहायक लेखाकार के जहां 764 पद हैं, वहीं उप महाप्रबंधक के सिर्फ 27 पद हैं। कई सालों की सेवा के बाद संबंधित कर्मचारी इस पद पर पहुंचते हैं। लेखा संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि पूरे मामले में हस्तक्षेप करें। उधर, इस मामले में अभी पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

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