NOI ब्यूरो, लखनऊ। अब अग्निशमन की एनओसी के बिना किसी भवन में न व्यापार करने का लाइसेंस दिया जाएगा और न ही उसमें बिजली का कनेक्शन मिलेगा। किसी भी क्षेत्र में अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तन अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर भविष्य में अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 23 जून को वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए निर्देश के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद की ओर से विभिन्न विभागों को बैठक की कार्यवृत जारी की गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवास एवं शहरी नियोजन के प्रमुख सचिव पी गुरूप्रसाद द्वारा सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, आवास आयुक्त व विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को जारी शासनादेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अग्निशमन, विकास प्राधिकरण, नगर निगम व बिजली विभाग के दस्तावेज एकीकृत किए जाएं।

प्रर्वतन अधिकारियों को करना होगा सुनिश्चित 

अग्निशमन एनओसी रहित भवनों को व्यापार लाइसेंस या बिजली कनेक्शन न मिल सके। विभिन्न विभागों के प्रर्वतन अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही हैं। भवनों में अग्निसुरक्षा की जांच के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन कर सेफ्टी आडिट अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कालेजों, कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, शापिंग माल, बहुमंजिला भवनों, सरकारी कार्यालयों, छात्रावासों तथा अन्य व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच कर अग्निसुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएगी।

स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे भवनों में प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्ते सुनिश्चित किए जाएं। सभी कोचिंग सेंटर का पंजीकरण कराने, आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने, वाहन पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट का व्यावसायिक गतिविधियां, कोचिंग संस्थान या लाइब्रेरी में इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

सेल्फ सर्टिफिकेशन की होगी व्यवस्था

15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के मामले में सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था होगी। भवनों में विद्युत सुरक्षा के लिए यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बिजली कनेक्शन के अनुसार ही विद्युत भार का प्रयोग हो।

विकास प्राधिकरणों को भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी जुटाकर नोटिस जारी कर कंपाउडिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को अपनी आपात सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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