NOI, संवाददाता, लखनऊ। राजधानी में लंबे समय से रजनी खंड-साउथ सिटी रेलवे क्रासिंग के ऊपर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की चली आ रही मांग फिर तेज हो गई है। इस बार आरओबी को कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

रेलवे क्रासिंग के ऊपर इस आरओबी के बनने से चार लाख आबादी को राहत मिलेगी। लोगों को तीन से चार किलोमीटर तक घूमकर अपने गंतव्यों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। 833 मीटर लंबा आरओबी 200 करोड़ की लागत से बनेगा। यहां रेलवे क्रासिंग नहीं है। रेलवे के हिस्से का पैसा भी उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को खर्च करना पड़ेगा। इसके बनने से रमाबाई रैली स्थल में होने वाले कार्यक्रम और समय-समय पर होने वाली वोटों की मतगणना के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा।

अंबेडकर विश्वविद्यालय, ओमेक्स सिटी, औरंगाबाद गांव, एल्डिको, पिपरौली, साउथ सिटी, मिलेनियम स्कूल, अंबेडकर विश्वविद्यालय बिजली उपकेंद्र सहित एक दर्जन से अधिक कालोनी रायबरेली रोड की तरफ हैं और दूसरी तरह रजनी खंड, रुचि खंड, बंगला बाजार, स्मृति विहार सहित आठ से नौ कालोनियां हैं।

अभी दोनों तरफ के लोगों को अगर आना-जाना है तो वीआइपी रोड होकर जाते हैं या फिर बंगला बाजार आरओबी को पार करते हुए अंबेडकर विश्वविद्यालय आकर फिर अपने गंतव्य पर पहुंच पाते हैं। सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह की ओर इस आरओबी का प्रस्ताव दिया गया था।

तीन वर्ष पहले भी इस आरओबी को लेकर मांग उठी थी, उस समय आउटर रिंग रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जा रहे थे। इस बार स्थानीय लोग किसी भी तरह से इस दो लेन आरओबी के प्रोजेक्ट को बनवाने में ढिलाई नहीं बरतना चाहते।

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