कानपुर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा, कांग्रेस और सपा पर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर दलों की विफलता को उजागर किया और 2027 चुनाव से पहले पार्टी की जमीन मजबूत करने की बात कही।

NOI संवाददाता, कानपुर। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कानपुर में एआईएमआईएम ने सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। रविवार को बाबूपुरवा के बागही ईदगाह मैदान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा को संबोधित किया। करीब एक घंटे के भाषण में उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के साथ ही समाजवादी पार्टी को निशाने पर रखा।

ओवैसी ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सियासी दलों ने मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और चुनाव के समय उनकी झोली वोट से भरने का काम किया, लेकिन शिक्षा, रोजगार, संपत्ति और राजनीतिक हिस्सेदारी के सवाल पर ठोस काम नहीं हुआ। यूपी चुनाव से पहले एआइएमआइएम की यह कानपुर में बड़ी जनसभा थी।

ओवैसी ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंट में विधायक होने के बावजूद क्षेत्र के विकास के लिए अपेक्षित काम नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को केवल चुनाव के समय याद किया जाता है। मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने सपा सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि उस समय विधानसभा में 47 मुस्लिम विधायक होने के बावजूद मुस्लिमों को इंसाफ नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुसलमानों की शिक्षा और संपत्ति की स्थिति के आंकड़े बताते हैं कि उन्हें लंबे समय से वोट बैंक बनाकर रखा गया। ओवैसी ने बर्रा में कब्रिस्तान की जमीन पर केडीए की कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए।

कानपुर को क्रांति की धरती बताते हुए ओवैसी ने कहा कि यहां के बुजुर्गों ने देश के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय वे ‘छइयां-छइयां’ कर रहे थे। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सपा में एम-वाई नहीं, केवल वाई है और अब बाबा के राज में टी है।” उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आजमगढ़ में अस्पताल और सैफई में हवाई पट्टी समेत विकास कार्यों का जिक्र किया।

ओवैसी ने अपने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि हैदराबाद में उन्हें हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि अब उनकी पार्टी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर बैठकर पुल और हाईवे बनवाती है और गडकरी उनसे फोन पर बात भी करते हैं।

उन्होंने अपने ऊपर भड़काऊ भाषण देने के आरोपों पर भी पलटवार किया। कहा कि 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 में चुनावी हार के बाद भी विरोधी कहते रहे कि ‘भइया फिर आएंगे’। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही ‘मीर जाफर’ सक्रिय हो जाते हैं और जनता को सावधान रहने की जरूरत है।

बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने छह सीटों की मांग की थी, लेकिन सपा के सांसद उन्हें हराने के लिए वहां पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एआइएमआइएम उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के

0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement