अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल मामले में फरार शाहबाज अंसारी और उसके चाचा रेहान अंसारी को 30 नवंबर तक पेश न होने पर भगोड़ा घोषित किया जाएगा।

NOI  संवाददाता, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी माड्यूल से जुड़े मामले में फरार शाहबाज अंसारी और उसके चाचा रेहान अंसारी पर कानून का शिकंजा कसने की तैयारी है।

राउज एवेन्यू स्थित सत्र अदालत ने दोनों के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि दोनों 30 नवंबर तक पेश नहीं होते हैं तो उन्हें भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।

लगातार बदल रहे ठिकाने

पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट तामील नहीं हो सके हैं और वे गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे हैं।

क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि बुलंदशहर स्थित शाहबाज और रेहान के घरों पर 29 जुलाई और चार अगस्त को छापेमारी की गई थी, लेकिन दोनों के घर बंद मिले।

दूसरे राज्यों में भी तलाश जारी

पुलिस ने दूसरे राज्यों में भी उनकी तलाश की। अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट, डेली डायरी एंट्री और पड़ोसियों के बयानों का अवलोकन करने के बाद माना कि दोनों गिरफ्तारी से बच रहे हैं। इसी आधार पर अदालत ने भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया।

इस मामले में 20 आरोपित गिरफ्तार

इस मामले में क्राइम ब्रांच अब तक 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के कब्जे से 33 विदेशी हथियार, 368 कारतूस और दो सब-मशीन गन बरामद की गई हैं।

जांच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में सक्रिय अपराधियों से जुड़े हैं।

नेपाल के रास्ते भारत में हथियार

पुलिस का आरोप है कि नेपाल के रास्ते भारत में अवैध हथियार पहुंचाने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। जांच एजेंसियों को शाहबाज और रेहान की भूमिका इस नेटवर्क के सरगना के तौर पर सामने आने का दावा है। दोनों के बांग्लादेश में रहकर नेटवर्क संचालित करने की आशंका भी जताई गई है।

मूसेवाला हत्याकांड में हथियार सप्लाई का आरोप

शाहबाज अंसारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के एक अन्य मामले में भी वांछित है। एजेंसी ने वर्ष 2022 में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियारों की आपूर्ति से जुड़े आरोपों के तहत उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की थी।

बताया जाता है कि जून 2025 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह विदेश चला गया था। मौजूदा हथियार तस्करी मामले में भी यूएपीए लगाया गया है।

पिता की मौत के बाद संभाली कमान

पुलिस के अनुसार, शाहबाज के पिता कुर्बान अंसारी की वर्ष 2020 में कोविड के दौरान मौत के बाद उसने कथित तौर पर नेटवर्क की जिम्मेदारी संभाली थी। जांच में अवैध विदेशी हथियारों को पाकिस्तान से कुवैत और फिर नेपाल के रास्ते सोनौली सीमा के जरिये भारत लाने की आशंका जताई गई है।

इस मामले में गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के अधिवक्ता बताए जाने वाले दीपक खत्री उर्फ मामा और गैंग्सटर रोहित चौधरी समेत कई अन्य आरोपित भी जेल में बंद हैं।

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