Samajwadi Party : अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव हारती या कमजोर होती दिखती है तो चुनाव आयोग की आड़ लेती है।

NOI  डेस्क, लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के साथ जिला प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के कार्यालय में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने 'समाजवादी ईसीआइ आडिट-1' जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 19.20 लाख फर्जी मतदाता बनाए गए हैं। भाजपा चुनाव आयोग और प्रशासन के सहयोग से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की दस चुनावी चालें हैं, इनमें फर्जी वोट जुड़वाना, विरोधियों के वोट कटवाना, मतदान के दिन दबाव बनाना, ईवीएम में गड़बड़ी करना, मतगणना प्रभावित करना, हारे प्रत्याशी को जीत का प्रमाणपत्र दिलाना और विपक्ष में फूट डालने से लेकर विपक्षी विधायकों को तोड़कर सरकार बनवाना तक शामिल है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संबंधी प्रश्न पर कहा कि उनको अब इस्तीफा दे देना चाहिए। विपक्ष के आंदोलन के सवाल पर कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का सबको अधिकार है, जहां बैठ जाएंगे, वहीं जंतर मंतर बन जाएगा।

भाजपा का सदस्य होने वालों को ही मतदाता

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का सदस्य होने वालों को ही मतदाता बनाया जा रहा है। चुनाव आयोग भाजपा के सदस्यों को ही भारत का नागरिक मान रहा है। आयोग और प्रशासन के सहयोग से भाजपाई बड़े पैमाने पर घोटाला कर रहे हैं।

भाजपा की दस चुनावी चालें

सपा कार्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने भाजपा की 10 चुनावी चालें गिनाईं। उन्होंने कहा कि नकली वोट जुड़वाना, विरोधियों के वोट कटवाना, मतदान के दिन बंदूक तनवाना, ईवीएम सेट करना, मतगणना में गड़बड़ी करना, हारे प्रत्याशी को जीत का प्रमाणपत्र देना, विपक्ष में फूट डलवाना और विपक्ष को तोड़कर सरकार बनवाना भाजपा की चालें हैं।

चुनाव आयोग व भाजपा पर हमला तेज

विधान सभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी के सवाल उठ रही समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को 'समाजवादी ईसीआइ आडिट-1' जारी किया।आरोप लगाया कि प्रदेश में 19.20 लाख फर्जी मतदाता बनाए गए हैं, जिनको सपा ने अब तक पकड़ा है। भाजपा चुनाव आयोग व प्रशासन के सहयोग से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची की निगरानी करने और पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने की अपील भी की।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव हारती या कमजोर होती दिखती है तो चुनाव आयोग की आड़ लेती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दस चुनावी चालें हैं, इनमें फर्जी वोट जुड़वाना, विरोधियों के वोट कटवाना, मतदान के दिन दबाव बनाना, ईवीएम में गड़बड़ी करना, मतगणना प्रभावित करना, हारे प्रत्याशी को जीत का प्रमाणपत्र दिलाना और विपक्ष में फूट डालने से लेकर विपक्षी विधायकों को तोड़कर सरकार बनवाना तक शामिल है। सपा प्रमुख ने कहा कि वह 2022 से ही चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। सरोजनी नगर और सुलतानपुर मामलों के उल्लेख कर कहा कि शिकायतों के बाद चुनाव आयोग को सरोजनी नगर के मामले में गड़बड़ी स्वीकार करनी पड़ी थी।

लोनी और साहिबाबाद में फर्जी मतदाता

उन्होंने दावा किया कि जिन विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा को हार के डर है, वहां फर्जी वोट बढ़ाए जा रहे हैं। लोनी में 15 हजार और साहिबाबाद में 13 हजार फर्जी मतदाता जोड़े गए। मुरादाबाद में सपा की 722 वोटों से हार का हवाला देते हुए उन्होंने वहां आठ हजार फर्जी वोट जुड़वाने का आरोप लगाया। आजमगढ़ में एक युवक के नाम पर 10 वोट बनाए जाने का भी दावा किया और आयोग की वेबसाइट खोलकर इसका लाइव उदाहरण दिया। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रह है, यदि आप भाजपा के सदस्य हैं तो ही आपके वोट बनेगा।

प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं

अखिलेश ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 29 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मौत होने का दावा करते हुए कहा कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। 87.56 लाख फार्म-6 भरे गए थे और 71.38 लाख का ही विवरण सार्वजनिक किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संबंधी प्रश्न पर कहा कि उनको अब इस्तीफा दे देना चाहिए। विपक्ष के आंदोलन के सवाल पर कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का सबको अधिकार है, जहां बैठ जाएंगे, वहीं जंतर मंतर बन जाएगा।

बूथों पर सक्रिय रहने का निर्देश

उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर सक्रिय रहने, संदिग्ध आवेदनों की जांच करने और मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम जुड़वाने की अपील की। इन तारीखों पर उत्तर प्रदेश में मतदाता पंजीकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन 403 विधानसभा सीटों के चुनाव में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने पीडीए समाज के लोगों को चुनावी ड्यूटी से दूर रखने का भी आरोप लगाया।

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