प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भगवान राम पर दिए बयान को भाजपा का अहंकार बताया। उन्होंने जनता की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी कर धार्मिक राजनीति करने और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

NOI  डेस्क, पटना। प्रशांत किशोर (PK) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि प्रभु श्रीराम इंतजार कर रहे थे कि मोदी जी उन्हें घर कब देंगे। PK ने इस बयान को भाजपा के अहंकार से जोड़ते हुए सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के मुताबिक, भगवान राम अपने घर के लिए 400 साल से इंतजार कर रहे थे और मोदी जी ने उन्हें घर दिया। PK ने सवाल किया कि क्या इसे अहंकार नहीं कहा जाएगा?

जनता को घर-रोजगार नहीं, भगवान के नाम पर राजनीति का आरोप

PK ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और जीवन-मरण सब उनके हाथ में है। ऐसे में भगवान को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घर दिलाने की बात करना अहंकार की पराकाष्ठा है।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता को घर, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं देने की बात आती है, तब सरकार सवालों के घेरे में रहती है।

उन्होंने पांच किलो अनाज और रोजगार के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि जनता की जरूरतों को पूरा किए बिना भगवान के नाम पर श्रेय लेना उचित नहीं है।

NDA को हराने की अपील, अहंकार पर अंकुश लगाने की बात

प्रशांत किशोर ने अपने बयान में NDA को हराने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अहंकार पर अंकुश लगाने के लिए जनता को चुनाव में फैसला करना चाहिए।

उनकी टिप्पणी ने धार्मिक प्रतीकों, राजनीतिक श्रेय और आम लोगों की बुनियादी जरूरतों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, सम्राट चौधरी के बयान का पूरा संदर्भ और PK की टिप्पणी की सटीक परिस्थितियां मूल बयान या वीडियो से मिलान करने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर भी PK ने उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार से जुड़े मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब जनता को लगता है कि उसके साथ अन्याय हो रहा है, तो लोग सड़क पर उतरकर विरोध करते हैं।

PK ने बिहार में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जन सुराज ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 10 हजार रुपये देकर वोट खरीदने के मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया, जबकि सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के मामले में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

‘कॉकरोच’ शब्द का जिक्र कर न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी

PK ने अपने बयान में उस मुख्य न्यायाधीश का भी जिक्र किया, जिन्होंने जन सुराज और बिहार के लोगों की याचिका खारिज की थी। उन्होंने कहा कि उसी न्यायाधीश के मुंह से ‘कॉकरोच’ शब्द निकला और इसे उन्होंने गंभीर स्थिति बताया।

PK की इन टिप्पणियों में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों, चुनावी प्रक्रिया और विरोध-प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, अदालत की कार्यवाही और संबंधित टिप्पणियों का सही संदर्भ समझने के लिए फैसले तथा आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है।

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