उत्तर प्रदेश सरकार ने शीतलहर और घने कोहरे में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों व एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, एंबुलेंस और सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जा रहा है।

NOI  डेस्‍क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के दौरान हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हादसा होने की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

दुर्घटना संभावित स्थलों पर तैनात रहेंगे एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन

राहत आयुक्त ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आस-पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य हादसे की स्थिति में घायलों तक जल्द पहुंचना और उन्हें बिना देरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में राहत एवं बचाव व्यवस्था को पहले से तैयार रखना महत्वपूर्ण है।

रिफ्लेक्टिव संकेतक और सफेद पट्टियां स्पष्ट रखने के निर्देश

सड़क सुरक्षा के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और अन्य संकेतकों की नियमित जांच करने के लिए कहा गया है। राहत आयुक्त ने सड़क की बॉर्डर लाइन और मध्य रेखा पर बनी सफेद पट्टियों को स्पष्ट रखने के निर्देश दिए हैं। धूल से ढकी, मिट चुकी या उखड़ी पट्टियों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाएगा, ताकि कम दृश्यता के दौरान वाहन चालकों को सड़क की सीमा और दिशा समझने में परेशानी न हो।

मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर बढ़ेगी सतर्कता

उन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों, तिराहों, क्रॉसिंग, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग व यातायात संकेतकों को दुरुस्त रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और गति सीमा से जुड़े बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं से कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकेगी।

अनफिट और असुरक्षित वाहनों के संचालन पर लगेगी रोक

राहत आयुक्त ने निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं चलने वाले अनफिट वाहनों और जुगाड़ से निर्मित असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से जांच और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि असुरक्षित वाहनों से होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सके।

फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के प्रति जागरूक होंगे चालक

सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। वाहन चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल करने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही, सड़क पर लगे चेतावनी संकेतकों और निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर जोर दिया जाएगा।

कोहरे में दृश्यता के अनुसार नियंत्रित रखनी होगी गति

राहत आयुक्त ने आगामी दिनों में घने कोहरे के दौरान दृश्यता के अनुरूप वाहनों की गति नियंत्रित रखने और आवश्यक यातायात प्रबंधन उपाय अपनाने पर जोर दिया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अत्यधिक कोहरे में विशेष सावधानी बरतें और परिस्थितियों के अनुकूल ही वाहन चलाएं। कम दृश्यता में तेज गति और आगे चल रहे वाहन से कम दूरी दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। राहत आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजामों की नियमित जांच करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।

यातायात नियमों के पालन की अपील

राहत आयुक्त ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें, सुरक्षित गति बनाए रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें। दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें व यातायात नियमों का पालन करें।

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