मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब कृषि व्यवसाय और बाजार की आर्थिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मिर्जापुर का 'छनवर एग्रो किसान उत्पादक संगठन' (FPO) महिला सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है, जिसने 10.5 लाख रुपये का व्यावसायिक मार्जिन अर्जित किया है और 'विंध्य मार्ट' जैसे नवाचारों से स्थानीय उत्पादों को बाजार दिया है।

NOI  टीम, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब केवल आजीविका की गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि व्यवसाय, सामूहिक उद्यमिता और बाजार की बड़ी आर्थिक निर्णय प्रक्रियाओं की कमान संभाल रही हैं। इसी क्रम में मिर्जापुर जिले के छानबे विकासखंड में महिला किसानों के नेतृत्व में संचालित 'छनवर एग्रो किसान उत्पादक संगठन' (FPO) पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन का एक रोल मॉडल बनकर उभरा है। 

वर्ष 2022-23 में स्थापित इस कंपनी से अब तक 1,221 महिला शेयरधारक जुड़ चुकी हैं। यह एफपीओ कृषि उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन और जैव उर्वरक उत्पादन से लेकर अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से हर सदस्य को 'लखपति दीदी' बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। 

केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव ने जाना मिर्जापुर का सफल मॉडल

योगी सरकार के इस सफल मॉडल की कार्यप्रणालियों और संस्थागत विकास को समझने के लिए केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी ने मिर्जापुर का दौरा किया। उन्होंने एफपीओ की महिला निदेशकों - कंचन गुप्ता, कविता राही, शालिनी दुबे और अन्य बोर्ड सदस्यों से बातचीत कर उनके व्यावसायिक विस्तार, बाजार से जुड़ाव और विकेंद्रीकृत योजनाओं की जानकारी ली। 

दौरे के दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के प्रतिनिधि, यूपी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और 'ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया' की टीम भी उपस्थित रही। महिला निदेशकों ने अधिकारियों के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि कंपनी अब तक 25 मीट्रिक टन गेहूं की सफल आपूर्ति कर चुकी है। 

विविधतापूर्ण व्यवसायों से 10.5 लाख रुपये का कमर्शियल मार्जिन अर्जित

छनवर एग्रो से जुड़ी महिलाएं केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। 

कृषि व्यवसाय संचालन: बीज, कीटनाशक, कैटल फीड (पशु आहार) की बिक्री तथा धान व गेहूं की सीधी खरीद-बिक्री।

जैविक व हरित पहल: जैव उर्वरक उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट, कस्टम हायरिंग सेंटर और पराली/कृषि अवशेष प्रबंधन।

लाभप्रद संचालन: एफपीओ ने वर्तमान में लगभग 10.5 लाख रुपये का व्यावसायिक मार्जिन अर्जित किया है, जो इसके वार्षिक संचालन व्यय से कहीं अधिक है।

विंध्य मार्ट और 'विंध्य धाम प्रसादम बॉक्स' से मिला स्थानीय उत्पादों को नया बाजार

केंद्रीय अतिरिक्त सचिव ने मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित 'विंध्य मार्ट' का भी निरीक्षण किया। जिला प्रशासन के इस नवाचार से स्थानीय महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बड़ा बाजार मिला है।
 
विशेष रूप से 'विंध्य धाम प्रसादम बॉक्स' श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें पूजा सामग्री, माता की चुनरी, बनारसी साड़ी, लाल पेड़ा, घर के बने अचार व मुरब्बे, कालीन उत्पाद, धूप-अगरबत्ती, बांबू आइटम्स, ड्राई फ्रूट्स और मिट्टी के दीये शामिल हैं।
 
अतिरिक्त सचिव ने मिर्जापुर में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली और 'वन प्रिया योजना' के विस्तार की संभावनाओं पर भी अधिकारियों के साथ मंथन किया। यह मॉडल साबित करता है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संसाधनों और बाजार से जोड़ा जाता है, तो वे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं।

0 Comments

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment

Login with your mobile number to post a comment. New here? Create your account using OTP verification.

Get Newsletter

Advertisement