कानपुर, NOI : घरेलू हिंसा के मामले में फंसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के दारोगा को राहत देने के लिए विवेचक दारोगा ने घूस के पैसे अपने बैंक खाते में मंगवा लिए। जेब गरम होते ही नियम कानूनों को धता बताते हुए पति को छोड़ मुकदमे में नामजद सभी आरोपितों के नाम निकाल दिए। सोमवार को पीडि़ता की शिकायत पर राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर ने पुलिस को फटकारा तो जांच शुरू कराई गई है।

पनकी पावर हाउस निवासी सविता मिश्रा ने सीआइएसएफ में दारोगा पद पर तैनात पति लक्ष्मीकांत मिश्रा के अलावा पति की पहली पत्नी के बेटे सुशील मिश्रा, जेठ राजेश्वर प्रसाद मिश्रा, जेठानी गौरा मिश्रा व राजकुमारी मिश्रा, देवर विजय कांत मिश्रा और रीता शुक्ला ननद के खिलाफ मुकदमा 15 मार्च 2021 को दर्ज कराया था। सविता के मुताबिक, पति की पहली पत्नी की मौत 20 साल पहले हो गई थी। तब उनके तीन बेटे छोटे थे। पति ने 19 साल पहले दूसरी शादी उनसे की। उनकी दो बेटियां हैं। आरोप है कि जब बेटे बड़े हो गए तो पति उन्हेंं प्रताडि़त करने लगे। बेटियों की पढ़ाई का खर्च देना भी बंद कर दिया। पिछले दिनों बड़े बेटे की शादी में भी उन्हें शामिल तक नहीं होने दिया गया।

पनकी थाने में दर्ज इस मुकदमे की जांच दारोगा छोटे सिंह को दी गई थी। सविता के मुताबिक, विवेचक छोटे सिंह ने छह महीने में धीरे-धीरे करके पति लक्ष्मीकांत को छोड़कर बाकी सभी आरोपितों के नाम निकाल दिए। पति का एक बैंक संयुक्त बैंक खाता उनके साथ था। पिछले दिनों जब उन्होंने उस खाते की डिटेल निकलवाई तो दंग रह गई। उस खाते से विवेचक को कई बार में लाखों रुपये आनलाइन भेजे गए। इसके बाद माजरा समझ आया कि मामले से सबके नाम कैसे निकल गए।

0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement