कानपुर, NOI : गांवों के विकास में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) भी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रहा है। पांच वर्षों से छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों की टीमें नियमित रूप से संस्थान की ओर से गोद लिए गए गांवों का दौरा करती हैं और उनके सतत विकास की दिशा में काम कर रही हैं।

पिछले वर्ष संस्थान ने दिवंगत पूर्व छात्र डा. रंजीत सिंह के नाम पर उनकी पत्नी मार्था कारेनो के सहयोग से रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र शुरू किया था। इसके तहत केंद्र ने उद्योग को उनकी जरूरतों के साथ आगे आने के लिए आमंत्रित किया है। रोजी शिक्षा केंद्र में इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप कुशल और पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप और अधिक पाठ्यक्रम जोड़े जाएंगे।

निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि पिछले चार महीनों में केंद्र की ओर से 89 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिसमें से 65 फीसद की नियुक्ति हो चुकी है। अब संस्थान लगभग दो सौ युवाओं को प्रशिक्षित करने की कोशिश कर रहा है। नाबार्ड के सहयोग से सिलाई मशीन आपरेटर पाठ्यक्रम ने लोकप्रियता हासिल की है। इस पाठ्यक्रम में पांच से छह सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम एनएसडीसी द्वारा प्रमाणित है। इसी तरह कपड़ा उद्योग में भी प्रशिक्षण देकर युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। केंद्र ने कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किया है।

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