कानपुर, NOI :  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के चार प्रोफेसरों ने देश के टाप 75 वैज्ञानिकों की सूची में स्थान बनाया है। 50 वर्ष से कम उम्र के इन चारों वैज्ञानिकों ने देश के विकास और तकनीकी में क्रांति लाने का काम किया है। शुक्रवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इन टाप वैज्ञानिकों के परिचय पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया।

निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने चारों वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान के लिए गर्व की बात है कि देश के 75 टाप वैज्ञानिकों में आइआइटी के वैज्ञानिकों ने भी जगह बनाई। चारों वैज्ञानिकों में प्रो. अविनाश अग्रवाल, प्रो. नितिन सक्सेना, प्रो. बुशरा अतीक और प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी शामिल हैं।

आइआइटी प्रशासन के मुताबिक वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल वर्तमान में ईंधन पर काम कर रहे हैं। उन्हें वर्ष 2016 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिला था। उन्होंने इंजन कंबस्टन इनवेस्टिगेशन, कंबस्टन विजुलाइजेशन, बायोडीजल डेवलपमेंट, ईंधन के विकल्प, डायरेक्ट इंजेक्शन सीएनजी आदि पर शोध किया है। वहीं प्रो. बुशरा अतीक बायोलाजिकल साइंस एंड बायो इंजीनियिंरग विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने कैंसर का शुरुआती स्तर पर पता लगाने के साथ ही उसके निदान के विषय में शोध कर चुकी हैं। वर्ष 2020 में उन्हें शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिला था। उन्होंने जीन और कोशिकाओं की गड़बड़ी का पता लगाया, जो आगे चलकर ट्यूमर व कैंसर का कारण बनते हैं। वर्ष 2018 में उन्हें सीएनआर राव फैकल्टी अवार्ड भी मिला था।

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