NOI, कानपुर : ई-बसों से हुई दुर्घटनाओं के बाद ई-बस सेवा ने चालकों की भर्ती के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब चालकों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में रोडवेज के प्रशिक्षण संस्थान में सात दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। टेस्ट में सफल होने वाले चालकों को ई-बस का परिचालन करने वाली कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड (केसीटीएसएल) आठ दिन का प्रशिक्षण देगी। 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद चालकों को ट्रायल पर भेजा जाएगा। ई-बस चला रहे चालक के साथ वे रूट पर जाएंगे। पूरी तरह से संतुष्ट हो जाने के बाद चालकों के हाथों में ई-बसों की स्टरीयरिग दी जाएगी।

दिसंबर में ई-बसों का परिचालन शुरू किया गया था। जनवरी तक आठ रूटों पर 60 ई-बसें संचालित होने लगी थी। प्रतिदिन 15000 यात्री ई-बस सेवा का लाभ उठा रहे थे, इससे केसीटीएसएल को लाभ हो रहा था। ई-बसों से दो बार हुई बड़ी दुर्घटनाओं से इनका परिचालन रोक दिया गया। इसके बाद चालकों का टेस्ट लिया गया तो 110 में 26 फेल हो गए। केसीटीएसएल ने निर्णय लिया कि प्रशिक्षण के बाद टेस्ट में सफल होने के बाद ही चालकों से ई-बसें संचालित कराई जाएंगी। पहले चालकों का रोडवेज के माडल ड्राइविग ट्रेनिग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब वहां से पास होने वाले चालकों को तीर्थांकर कंपनी भी आठ दिन का प्रशिक्षण देगी। टेस्ट के बाद उनका ट्रायल होगा। उनको ई-बस चालको के साथ रूट पर भेजा जाएगा। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद उनसे बस चलाई जाएगी। फिलहाल 35 बसों का परिचालन शुरू हो चुका है।

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