कानपुर, NOI : बर्रा में मकान पर कब्जेदारी के मामले में यादव मार्केट चौकी के पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर पुलिस पारदर्शिता से जांच का दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि इस मामले में पुलिस अधिकारी ने अपने करीबी सिपाही को बचा लिया, जबकि उसकी भी तैनाती उसी चौकी में थी। वहीं दो अन्य ऐसे सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया। जिसमें एक ईवीएम सुरक्षा ड्यूटी में तो दूसरा अवकाश के बाद गैरहाजिर हुआ और फिर उसने खुद ही लाइन में आमद करा ली थी। ऐसे में पारदर्शी जांच का दावा गले नहीं उतर रहा है।

बर्रा के यादव मार्केट चौकी में चौकी प्रभारी आशीष मिश्रा, दो अन्य दारोगा समेत 18 पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। चौकी क्षेत्र के एक प्लाट कब्जे के मामले में पुलिसकर्मियों पर पक्षपात रवैया अपनाने का आरोप लगा था। एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर को जांच दी गई थी। साउथ क्राइम टीम में शामिल सिपाही ब्रजेश शर्मा को छोड़कर चौकी के सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एडीसीपी ने रिपोर्ट दी थी। डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने सभी को लाइन हाजिर कर दिया था। मकान पर कब्जे का मामला 23 फरवरी को हुआ। जबकि सभी पुलिसकर्मी 6 फरवरी से 18 फरवरी तक चुनाव ड्यूटी में थे।

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