साफ्टवेयर की मदद से फर्टिगेशन मशीन दे रही फसलों को पोषण, अपने आम मिलता रहेगा खाद और पानी | NOI
उर्वरक व पानी की बर्बादी से मिलेगी निजात
उन्होंने बताया कि किसान आमतौर पर जिस तरह से फसलों में उर्वरक का छिड़काव करते हैं, उससे सिंचाई के बाद ये उर्वरक पानी के साथ भूमि में नीचे चले जाते हैं। कई बार जरूरत से ज्यादा उर्वरक डालने से भी फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। कंप्यूटर प्रणाली से फर्टिगेशन करने में पानी व उर्वरकों की बर्बादी नहीं होगी। इस प्रणाली में खेत में पाइप लाइन बिछाई जाती है और कंप्यूटर प्रणाली से पानी के साथ पोषक तत्व संतुलित मात्रा में ड्रिप तकनीक से पौधों की जड़ों तक पहुंचते रहते हैं। इसको लगाने में करीब सात से आठ लाख रुपये की लागत आई है और आगे कम हो सकती है। खेत में कितनी दूर तक फर्टिगेशन किया जाना है, उसी के हिसाब से खर्च बढ़ता है। पाइप खेत के किनारे लगाए जाते हैं।
किसानों को भी किया जाएगा जागरूक
विज्ञानी बताते हैं कि अब तक इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। यह तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद है। इससे खेत की जोताई करने में भी कोई परेशानी नहीं होती क्योंकि उस वक्त पाइप खोल लिए जाते हैं। सब्जियों की फसल में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। बाद में अन्य फसलों में भी इसका प्रयोग करने की योजना है।
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