कानपुर, NOI । चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने साफ्टवेयर की मदद से फसलों की सिंचाई शुरू की है। हाइड्रोपोनिक फर्टिगेशन मशीन के साथ जोड़ा गया साफ्टवेयर तय करता है कि किस फसल को कितनी देर, कितने पानी और पोषक तत्वों की जरूरत है। इसी के अनुरूप आपूर्ति होने से फसलें सेहतमंद हो रही हैं। पहले चरण में सब्जी विज्ञान विभाग में सब्जियों से शुरुआत की गई है। आगे इसका इस्तेमाल अन्य फसलों में भी किया जाएगा।

फसलों की समृद्धि के लिए सबसे ज्यादा जरूरत पानी और पोषक तत्वों के संतुलन की होती है। इसके लिए महाराष्ट्र के जलगांव की अब यह तकनीक मददगार होगी। सब्जी विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डा.राजीव बताते हैं कि इस प्रणाली में अलग-अलग टैंकों में पोषक तत्व भरते हैं। साफ्टवेयर में फीड करने के बाद कंप्यूटराइज्ड सिस्टम फसलों के हिसाब से अलग-अलग मात्रा में पानी व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, आयरन, बोरान व कापर आदि उर्वरक पहुंचाता है। साफ्टवेयर में विभिन्न फसलों का फर्टिगेशन शेड्यूल भी फीड रहता है। मौसम के हिसाब से भी इसकी मात्रा अलग-अलग तय होती है। सिंचाई के पानी के साथ उर्वरक देने की प्रणाली को फर्टिगेशन कहते हैं।  

उर्वरक व पानी की बर्बादी से मिलेगी निजात

उन्होंने बताया कि किसान आमतौर पर जिस तरह से फसलों में उर्वरक का छिड़काव करते हैं, उससे सिंचाई के बाद ये उर्वरक पानी के साथ भूमि में नीचे चले जाते हैं। कई बार जरूरत से ज्यादा उर्वरक डालने से भी फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। कंप्यूटर प्रणाली से फर्टिगेशन करने में पानी व उर्वरकों की बर्बादी नहीं होगी। इस प्रणाली में खेत में पाइप लाइन बिछाई जाती है और कंप्यूटर प्रणाली से पानी के साथ पोषक तत्व संतुलित मात्रा में ड्रिप तकनीक से पौधों की जड़ों तक पहुंचते रहते हैं। इसको लगाने में करीब सात से आठ लाख रुपये की लागत आई है और आगे कम हो सकती है। खेत में कितनी दूर तक फर्टिगेशन किया जाना है, उसी के हिसाब से खर्च बढ़ता है। पाइप खेत के किनारे लगाए जाते हैं।

किसानों को भी किया जाएगा जागरूक

विज्ञानी बताते हैं कि अब तक इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। यह तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद है। इससे खेत की जोताई करने में भी कोई परेशानी नहीं होती क्योंकि उस वक्त पाइप खोल लिए जाते हैं। सब्जियों की फसल में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। बाद में अन्य फसलों में भी इसका प्रयोग करने की योजना है।

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