कानपुर, NOI : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़े गए प्रवर्तन इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को 15 घंटे लंबी मैराथन जांच के बाद सीबीआइ की टीम मंगलवार को अपने साथ लेकर लखनऊ लौट गई। वहां सीबीआइ कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए कंसल्टेंट को फिलहाल क्लीन चिट देकर रिहा कर दिया गया है। जांच एजेंसी की पड़ताल में अमित श्रीवास्तव के पास करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी मिली है।

ईपीएफओ के कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय में सीबीआइ (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की लखनऊ यूनिट की टीम ने सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे छापा मारा था। इस दौरान, यहां तैनात प्रवर्तन इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव एक स्कूल संचालक जयपाल सिंह से तीन लाख रुपये नकद लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद, सीबीआइ ने ईपीएफओ कार्यालय में ही डेरा जमा लिया। 15 घंटे लंबी जांच के बाद सुबह करीब साढ़े छह बजे सीबीआइ की टीम अमित श्रीवास्तव को अपने साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई।

हालांकि, अमित का बिचौलिया होने के शक में पकड़े गए कंसल्टेंट के खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ को अमित श्रीवास्तव के घर से करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। उसके द्वारा कई मकान व घर खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा सीबीआइ कई प्रकरणों से संबंधित फाइलें भी अपने साथ लेकर गई है।

रिश्वत लेते वीडियो जांच एजेंसी को मिला : स्कूल संचालक से अमित श्रीवास्तव ने कार्यालय के जन शिकायत केंद्र में ही रुपयों भरा थैला लिया। यह पूरा वाकया कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। सीबीआइ को सीसीटीवी फुटेज मिल गई है, जो कि बड़े साक्ष्य का काम करेगी।

पीएफ जमा कराने की आड़ में सेटलमेंट का खेल : ईपीएफओ के निष्क्रिय नियोक्ताओं से पीएफ रिकवरी के नाम पर ही खेल होता है। हर माह केंद्रीयकृत सिस्टम से आटो जेनरेट होने वाली 500 निष्क्रिय नियोक्ताओं की सूची प्रवर्तन शाखा को वसूली में मदद करती है। क्षेत्रीय आयुक्त के आदेश के बाद प्रवर्तन अधिकारी नियोक्ताओं से पीएफ न जमा कराने के एवज में सेटलमेंट का खेल खेलते हैं। उन्हें नोटिस का जवाब देने व जांच के नाम पर उलझाकर परेशान किया जाता है। यही वजह है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन शाखा के स्टाफ की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement