यूपी के डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक स्कूलों में पाइप पेयजल व बालक-बालिका शौचालय अगस्त तक | NOI
लखनऊ, NOI : यूपी के ग्रामीण प्राथमिक स्कूलों में भी अब पाइप से पेयजल की आपूर्ति होगी। हर विद्यालय में बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय भी बनाए जाएंगे। आपरेशन कायाकल्प के तहत नवनिर्माण चल रहा है उसी के तहत ये दोनों कार्य अगस्त तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं। उनमें से अधिकांश स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में ही हैं। उन विद्यालयों में पाइप पेयजल से आपूर्ति की सुविधा ज्यादातर में नहीं है। ऐसे स्कूलों को जल जीवन मिशन 100 दिनी अभियान के माध्यम से नल व जल सुविधा से जोड़ा जाना है। ज्ञात हो कि 38 हजार परिषदीय स्कूलों को जल जीवन मिशन अभियान के तहत जोड़ा जा चुका है।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस सुविधा के लिए स्कूलों को चिह्नित करके उसे सुविधा दी जाए। इसके लिए नामित कार्यदायी संस्था स्थलीय गुणवत्ता का सत्यापन करे। प्रमुख सचिव ने इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय व मूत्रालय निर्माण कराने के आदेश दिए हैं।
इस कार्य में ग्राम पंचायतों में उपलब्ध 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इस कार्य को भी अगस्त तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनों प्राथमिक स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। निर्देश है कि शिक्षा व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की समीक्षा बैठक बुलाकर हर जिले में शौचालय व मूत्रालय अलग-अलग बनवाने के लिए चिन्हांकन करके महत्वाकांक्षी कार्य को समय से पूरा कराएं।
बेसिक शिक्षा परिषद के डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं। उनमें से अधिकांश स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में ही हैं। उन विद्यालयों में पाइप पेयजल से आपूर्ति की सुविधा ज्यादातर में नहीं है। ऐसे स्कूलों को जल जीवन मिशन 100 दिनी अभियान के माध्यम से नल व जल सुविधा से जोड़ा जाना है। ज्ञात हो कि 38 हजार परिषदीय स्कूलों को जल जीवन मिशन अभियान के तहत जोड़ा जा चुका है।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस सुविधा के लिए स्कूलों को चिह्नित करके उसे सुविधा दी जाए। इसके लिए नामित कार्यदायी संस्था स्थलीय गुणवत्ता का सत्यापन करे। प्रमुख सचिव ने इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय व मूत्रालय निर्माण कराने के आदेश दिए हैं।
इस कार्य में ग्राम पंचायतों में उपलब्ध 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इस कार्य को भी अगस्त तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन दिनों प्राथमिक स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। निर्देश है कि शिक्षा व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की समीक्षा बैठक बुलाकर हर जिले में शौचालय व मूत्रालय अलग-अलग बनवाने के लिए चिन्हांकन करके महत्वाकांक्षी कार्य को समय से पूरा कराएं।
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