कानपुर, NOI: कानपुर के रोनिल सरकार हत्याकांड का खुलासा सर्विलांस और व्हाट्सएप चैट के जरिये हुआ। सर्विलांस के जरिये संदिग्ध नंबर मिले। इससे छात्रा व आरोपी विकास तक पुलिस पहुंची। जब दोनों के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट रिकवर कराई गई, तो सुराग लगा और शक विकास पर गहराया।

विकास से कई राउंड की पूछताछ होती रही। आखिर में वह टूट गया और वारदात कबूली। एक-एक राज वह उगलता रहा। पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद रंजिश, आशनाई समेत अन्य कई पहलुओं पर जांच कर रही थी। हर बार आखिर में जाकर जांच दिशाहीन हो जाती थी।

जब रोनिल के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली गई, तो सर्विलांस की टीम ने उससे रोनिल के संपर्क में रहने वाली छात्रा का नंबर मिला। वह उसके दसवीं में पढ़ता था। पुलिस ने छात्रा से कई बार पूछताछ की। जब छात्रा के मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली, तो उसमें विकास यादव का नंबर मिला।

सर्विलांस टीम ने विश्लेषण शुरू किया, तो विकास का नंबर घटनास्थल पर वारदात के दिन सक्रिय मिला। इससे विकास पर शक गहरा गया। करीब दो सप्ताह पहले उसको पुलिस ने उठाया था, लेकिन उसने मुंह नहीं खोला था। पुलिस के पास कोई खास साक्ष्य भी नहीं था।

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